कांग्रेस नेता पवन खेड़ा के खिलाफ असम सरकार की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट बुधवार को सुनवाई करेगी। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी पर टिप्पणी करने के मामले में पवन खेड़ा को तेलंगाना हाईकोर्ट से मिली राहत को अब असम सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। विवाद की शुरुआत पांच अप्रैल को हुई थी।
पवन खेड़ा ने एक प्रेस कान्फ्रेंस के दौरान असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी रिनिकी भुइयां सरमा पर गंभीर आरोप लगाए थे। खेड़ा ने दावा किया था कि मुख्यमंत्री की पत्नी के पास कई देशों के पासपोर्ट हैं और विदेशों में ऐसी संपत्तियां हैं, जिनका जिक्र मुख्यमंत्री ने अपने चुनावी हलफनामे में नहीं किया है।
असम के मुख्यमंत्री और उनके परिवार ने इन आरोपों को पूरी तरह से गलत और मनगढ़ंत बताया है। इसके तुरंत बाद, गुवाहाटी क्राइम ब्रांच में पवन खेड़ा के खिलाफ बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया। इसमें चुनाव के संबंध में झूठा बयान देने और धोखाधड़ी जैसी धाराएं शामिल हैं। 10 अप्रैल को तेलंगाना हाई कोर्ट ने खेड़ा को कुछ शर्तों के साथ एक सप्ताह की अग्रिम जमानत दी थी।