22 अप्रैल 2025 को हुए पहलगाम आतंकी हमले की पहली बरसी पर कश्मीर के तंगधार में करीब 2000 छात्रों और सिविल सोसायटी के लोगों ने एकजुटता मार्च निकाला। इस दौरान छात्रों ने हाथों में तिरंगा और “Stop terror attack”, “We condemn attack on tourists” और “We stand for innocent tourists” जैसे संदेश लिखे पोस्टर लिए हुए थे।
शिक्षा निकेतन हाई स्कूल के छात्रों ने हमले में मारे गए 26 निर्दोष लोगों को श्रद्धांजलि दी। यह कार्यक्रम पृथ्वी दिवस के अवसर पर भी आयोजित किया गया, जिसमें आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और प्लास्टिक प्रदूषण के मुद्दे को भी उठाया गया। कार्यक्रम के दौरान 5 मिनट का मौन रखकर मृतकों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई। छात्रों ने देश के प्रति अपना समर्थन जताते हुए आतंकवाद के खिलाफ आवाज उठाई। एक छात्रा ने कहा कि पिछले साल इसी दिन कई परिवारों ने अपने प्रियजनों को खो दिया था। “धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले कश्मीर में हुए इस हमले ने निर्दोष जिंदगियां छीन लीं। ईश्वर दिवंगत आत्माओं को शांति दे,” उसने कहा।
एक अन्य छात्र ने कहा कि इस हमले में बच्चों ने अपने पिता, मांओं ने अपने बेटे और पत्नियों ने अपने पति खो दिए। “आज हम उन सभी को श्रद्धांजलि देते हैं और आतंकवाद के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करते हैं,”। वहीं, उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने भी इस हमले की बरसी पर पीड़ितों को श्रद्धांजलि अर्पित की और आतंकवाद के खिलाफ देश के संकल्प को दोहराया। उन्होंने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर लिखा, “मैं पहलगाम आतंकी हमले के पीड़ितों को श्रद्धापूर्वक याद करता हूं। इस जघन्य हमले में खोई निर्दोष जिंदगियां हमारी सामूहिक स्मृति में हमेशा जीवित रहेंगी। मैं उनके परिवारों के साथ खड़ा हूं, जिनका दुख अपार है।” उन्होंने आगे कहा कि इस तरह की क्रूर घटनाएं देश के शांति, एकता और मानवता के मूल्यों को कमजोर नहीं कर सकतीं। “हम हर रूप में आतंकवाद से लड़ने के अपने संकल्प पर अडिग हैं,” उन्होंने दोहराया।