मणिपुर में हिंसा की नई घटनाओं में कई लोगों की मौत के बाद राज्य में रविवार को सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई। अधिकारियों ने बताया कि हालात तनावपूर्ण, लेकिन नियंत्रण में है। एक अधिकारी ने कहा, ‘‘रविवार को अभी तक हिंसा की कोई नई घटना दर्ज नहीं की गई है। अलग-अलग जिलों के पुलिस अधीक्षक सुरक्षा बलों के साथ मिलकर स्थिति पर लगातार नजर रख रहे हैं।’’
उन्होंने बताया कि असम राइफल्स ने किसी भी ड्रोन हमले से निपटने के लिए इंफाल घाटी के दूरस्थ इलाकों में ड्रोन रोधी प्रणालियां तैनात की हैं। अधिकारी के मुताबिक, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) ने राज्य पुलिस को एक ड्रोन रोधी प्रणाली सौंपी है।
मणिपुर में जारी जातीय संघर्ष के बीच हमलों के लिए ड्रोन का भी इस्तेमाल होने लगा है। विस्फोटक गिराने के लिए रिमोट नियंत्रित ड्रोन का इस्तेमाल पहली बार इंफाल वेस्ट जिले के कौत्रुक गांव में एक सितंबर को हुआ था। उस हमले में बंदूकों का भी इस्तेमाल किया गया था और दो लोगों की मौत हो गई थी तथा नौ अन्य घायल हो गए थे।
इससे अगले दिन करीब तीन किलोमीटर दूर सेंजाम चिरांग में फिर से ड्रोन का इस्तेमाल किया गया और इस हमले में तीन लोग घायल हुए। इस बीच, शनिवार रात को जिरिबाम जिले में निषेधाज्ञा आदेश लागू किया गया, जिसके तहत पांच या उससे ज्यादा लोगों के इकट्ठा होने पर रोक है।
जिरिबाम में शनिवार को हिंसा में पांच लोगों की मौत हो गई थी। पुलिस के अनुसार, उग्रवादी एक व्यक्ति के घर में घुसे और गोली मारकर उसकी हत्या कर दी। इस हत्या के बाद संघर्षरत समुदायों के सदस्यों के बीच भारी गोलीबारी हुई, जिसमें चार सशस्त्र लोगों की मौत हो गई।