झारखंड विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस और झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) के बीच सीट शेयरिंग पर फैसला लगभग हो गया है. फॉर्मूले के तहत जेएमएम अपनी तीन सिटिंग सीटें माले को दे सकती है. पिछली बार जेएमएम 43 सीटों पर चुनाव लड़ी थी. सीटों की अदला-बदली के बाद भी वो इस बार 43 सीटों पर ही चुनाव लड़ेगी.
पिछले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस 31 सीटों पर चुनाव लड़ी थी. हालांकि, इस बार कांग्रेस 29 सीटों पर चुनाव लड़ सकती है. पिछली बार आरजेडी ने 7 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ा था. मगर, इस बार सीट उसे गठबंधन में 5 सीटें मिलने की संभावना है. इस बार गठबंधन में नया सहयोगी दल माले है.
हरियाणा चुनाव में अदंरुनी कलह का नतीजा देखने के बाद कांग्रेस झारखंड और महाराष्ट्र में ऐसे किसी भी जोखिम बचने की कोशिश कर रही है. इसी का नतीजा है कि कांग्रेस ने अपने नेताओं को आपसी कलह से बचने और एकजुट होकर चुनाव में उतरने की नसीहत दी है. हरियाणा में कांग्रेस की अप्रत्याशित हार के पीछे की एक बड़ी वजह पार्टी के प्रमुख नेताओं के बीच कड़वाहट और गुटबाजी को माना जा रहा है.