Breaking News

केरलम में पिनाराई विजयन को बड़ी जिम्मेदारी, निर्विरोध चुने गए विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष     |   बिहार ब्लैकआउट: पटना समेत 6 जिलों में शाम 7:15 बजे तक 'बत्ती गुल'     |   दिल्ली: राहुल गांधी ने 10 जनपथ पर तमिलनाडु के कांग्रेस विधायकों से मुलाकात की     |   नीट यूजी पेपर लीक मामले में सीबीआई ने आरोपी की 7 दिन की पुलिस कस्टडी मांगी     |   श्रीलंका में होने वाली ODI ट्राई सीरीज के लिए इंडिया 'ए' टीम का ऐलान हुआ     |  

SGPC प्रमुख हरजिंदर सिंह धामी ने नैतिक आधार पर दिया इस्तीफा, बोले- अकाल तख्त के प्रति हमेशा प्रतिबद्ध

शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी ने सोमवार को तत्काल प्रभाव से अपने पद से इस्तीफा दे दिया। हरजिंदर सिंह धामी का इस्तीफा ऐसे समय में आया है जब कुछ दिन पहले अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी रघबीर सिंह ने एसजीपीसी द्वारा दमदमा साहिब के जत्थेदार के रूप में ज्ञानी हरप्रीत सिंह की सेवाएं खत्म करने की कड़ी निंदा की थी।

हरजिंदर सिंह ने कहा कि वे हमेशा सिखों की सर्वोच्च धार्मिक पीठ अकाल तख्त के प्रति प्रतिबद्ध हैं। ज्ञानी हरप्रीत सिंह की सेवा समाप्ति पर जत्थेदार रघबीर सिंह के ‘फेसबुक’ पर 13 फरवरी के पोस्ट का हवाला देते हुए धामी ने कहा कि उन्होंने लिखा था कि ज्ञानी हरप्रीत सिंह को हटाना बेहद निंदनीय और दुर्भाग्यपूर्ण है। 

अमृतसर में उन्होंने कहा, ‘‘मैं ‘प्रधान’ (एसजीपीसी का अध्यक्ष) होने के नाते जिम्मेदारी लेता हूं और नैतिक आधार पर तत्काल प्रभाव से अपने पद से इस्तीफा देता हूं।’’ हरजिंदर सिंह धामी ने कहा कि उन्होंने शिरोमणि अकाली दल के नए सदस्यता अभियान की निगरानी के लिए गठित सात सदस्यीय समिति में उन्हें उनके पद से मुक्त करने के लिए अकाल तख्त जत्थेदार को पत्र लिखा है।

ज्ञानी रघबीर सिंह ने ‘फेसबुक’ पर 13 फरवरी को पोस्ट लिखकर बठिंडा में तख्त श्री दमदमा साहिब के जत्थेदार के रूप में हरप्रीत सिंह की सेवाओं को बर्खास्त करने की निंदा की थी। पोस्ट में उन्होंने कहा था कि ज्ञानी हरप्रीत सिंह को हटाया जाना अत्यधिक निंदनीय और दुर्भाग्यपूर्ण है, जो ‘तख्त साहिबों’ के स्वतंत्र अस्तित्व को नुकसान पहुंचाएगा। 

एसजीपीसी ने 10 दिसंबर को बठिंडा में तख्त श्री दमदमा साहिब के जत्थेदार के रूप में ज्ञानी हरप्रीत सिंह की सेवाओं को बर्खास्त कर दिया था। ये निर्णय एसजीपीसी की कार्यकारी समिति की बैठक के दौरान लिया गया। समिति ने 18 साल पुराने घरेलू विवाद के मामले में ज्ञानी हरप्रीत सिंह के खिलाफ आरोपों की जांच के लिए गठित तीन सदस्यीय समिति की रिपोर्ट को स्वीकार कर लिया।