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तेलंगाना सुरंग हादसा: बचाव अभियान तेजी से जारी, क्षतिग्रस्त कन्वेयर चालू

तेलंगाना में श्रीशैलम उत्तर तटीय नहर (एसएलबीसी) परियोजना की आंशिक रूप से ध्वस्त सुरंग में ‘कन्वेयर बेल्ट’ की मरम्मत कर उसे मंगलवार को चालू कर दिया गया जिसके नीचे पिछले 11 दिनों से आठ लोग फंसे हुए हैं। अधिकारियों ने बताया कि अब बचाव कर्मियों के लिए मलबे को हटाना आसान हो जाएगा। उन्होंने बताया कि 22 फरवरी को हादसे के बाद ‘कन्वेयर बेल्ट’ क्षतिग्रस्त हो गई थी। मंगलवार को 11वें दिन बचाव अभियान तेजी से जारी रहा।

दक्षिण मध्य रेलवे (एससीआर) के एक अधिकारी ने बताया कि एससीआर की टीम ने सुरंग के अंदर क्षतिग्रस्त टनल बोरिंग मशीन के प्लेटफॉर्म को काट दिया है। इस टीम में धातू को काटने वाले विशेषज्ञ भी थे। एक अधिकारी ने बताया कि फंसे हुए आठ लोगों का पता लगाने के प्रयासों में कोई सफलता नहीं मिली है और बचावकर्मी हर दिन तीन पालियों में काम कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि मलबा हटाने और पानी निकालने की प्रक्रिया जारी है। 

नगरकुरनूल जिले के पुलिस अधीक्षक वैभव गायकवाड़ ने सोमवार शाम कहा कि राज्य सरकार बचाव कर्मियों को किसी भी खतरे से बचाने के लिए बचाव अभियान में रोबोट तैनात करने के विकल्प पर विचार कर रही है। सुरंग के अंदर भारी मात्रा में कीचड़ और पानी होने के कारण बचाव अभियान में शामिल टीमों के लिए चुनौती उत्पन्न हो गई।

एसएलबीसी परियोजना सुरंग में 22 फरवरी से आठ लोग फंसे हुए हैं जिनमें इंजीनियर और मजदूर शामिल हैं। एनडीआरएफ, भारतीय सेना, नौसेना और दूसरी एजेंसियों के विशेषज्ञ उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने के लिए प्रयास कर रहे हैं। 

मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने रविवार को घटना स्थल का दौरा किया और बचाव अभियान का नेतृत्व कर रहे अधिकारियों को सुझाव दिया कि अगर जरूरत हो तो सुरंग के अंदर रोबोट का उपयोग करें, ताकि बचावकर्मियों को किसी भी तरह के खतरे से बचाया जा सके। उन्होंने ये भी कहा कि क्षतिग्रस्त ‘कन्वेयर बेल्ट’ की मरम्मत के बाद बचाव अभियान में तेजी आएगी।