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Rajasthan: भानगढ़ का अनसुना रहस्य

हमारे देश में ऐसी कई अनेकों कहानियां है जो रहस्यमय है। इन कहानियों के पीछे कई ऐसे रहस्य छुपे है जो बड़े ही अनोखे और दिलचस्प है। राजस्थान की कई दिल दहलाने वाली कहानियों के बारे में तो आप जानते ही होंगे। आज भी इन कहानियों को लेकर  कई लोगों के विचार अलग-अलग हैं। तो चलिए आज इन्हीं एक कहानी के रहस्य की खोज में चलते है।

यह कहानी राजस्थान के अलवर जिले में स्थित भानगढ़ किले की है। यह किला रहस्य और डर की कहानियों का जीवित उदाहरण है। इस ऐतिहासिक और पौराणिक किले में सूर्यअस्त के बाद प्रवेश करना मना है और यही चेतावनी इस किले के रहस्य भरे स्वरूप को और भी ज्यादा गहरा कर देती है।

लोक कथाओं के अनुसार, बहुत समय पहले एक स्मृध और सुंदर राज्य भानगढ़ राजस्थान की अरावली पहाड़ियों के बीच में बसा था। इस राज्य की रानी रत्नावति थी। रानी रत्नावति अपनी सुंदरता और बुद्धिमत्ता के लिए प्रसिद्ध थी। उनका राज्य एक खुशहाल राज्य था। भानगढ़ राज्य में रौनक थी, संगीत-नृत्य की महफिले लगती थी और चारों ओर खुशहाली रहती थी। 

लेकिन कहते है न कि अधिक खुशियों को नजर लग जाती है। इस राज्य के साथ भी यहीं हुआ। कथाओं के अनुसार एक तांत्रिक के श्राप ने इस हसते बसते राज्य को बर्बाद कर दिया। कहा जाता है कि तांत्रिक रत्नावति को देखकर मोहित हो गया था। जहां सुंदरता होती है, वहां वासना भी पीछा करती है। राज्य के पास के जंगलों में सिंधू नामक तांत्रिक रानी रत्नावति से मोहित हो गया था। तांत्रिक जानता  था कि रानी उससे कभी विवाह नहीं करेंगी, इसलिए उसने रानी को वश में करने के लिए काला जादू करने का ठानी। 

एक दिन जब इत्र लेने के लिए रानी की दासी बाजार गई, तब उस तांत्रिक ने उस इत्र की शीशी में अपना किया हुआ काला जादू डाल दिया। तांत्रिक ने सोचा कि रानी इस इत्र को सूंघते ही उसके प्यार में पड़ जाएगी, लेकिन रानी सुंदर होने के साथ साथ समझदार भी थी। रानी ने इत्र के अंदर कुछ अजीब पाया और चतुराई से उस इत्र की शीशी को बाहर फैंक दिया। वह इत्र तांत्रिक पर गिर गया, जिससे तांत्रिक की मृत्यु हो गई।

तांत्रिक ने मरने से पहले श्राप दिया कि “ सब मरेंगे और यहां कोई चैन से नहीं रहेगा, ये पूरी जगह और राज्य भी उजड़ जाएगा ”। इसके कुछ समय बाद ही रानी रत्नावति सहित समस्थ भानगढ़ नष्ट हो गया।

आज भानगढ़ खंडर में बदल चुका है। सूर्यअस्त के बाद वहां कोई नहीं जाता, क्योंकि लोगों का ये मानना है कि आज भी उस किले में आत्माएं भटकती हैं। कई लोगों ने वहां से चीखों की आवाज सुनी है, परछाइयां भी देखी है।  आज भी बहुत से लोगों का मनना है कि राज्य की रक्षा के लिए वहां पर रानी रत्नावति की आत्मा भटकती है और कुछ का मानना है कि किले में काला जादू करने वाले तांत्रिक की आत्मा भटकती है। भानगढ़ एक प्रमुख आकर्षण बन चुका है, यहां पर इतिहास और रोमांचक कथाओं का संगम देखने को मिलता है।