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इंदौर में दूषित पेयजल संकट के पीड़ितों से मिले राहुल गांधी

Indore: मध्य प्रदेश के इंदौर में भागीरथपुरा इलाके में दूषित पेयजल से उल्टी-दस्त के प्रकोप के कारण कई लोगों की मौत के बाद लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी शनिवार को देश के सबसे स्वच्छ शहर में पहुंचे और इस प्रकोप के कारण अस्पताल में भर्ती मरीजों से मुलाकात की। 

राहुल गांधी ने निजी क्षेत्र के ‘बॉम्बे हॉस्पिटल’ में भर्ती चार मरीजों से मिलकर उनके हाल जाने और उनके परिजनों से भी मुलाकात की, इस दौरान उनके साथ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और विधानसभा में विपक्ष के नेता उमंग सिंघार भी थे।

कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष गांधी ने भागीरथपुरा में उल्टी-दस्त के प्रकोप के दौरान दम तोड़ने वाली गीता ध्रुवकर (64) और जीवनलाल बरेड़े (80) के घर जाकर उनके शोकसंतप्त परिजनों को सांत्वना दी। इसके बाद वे एक स्थान पर पीड़ित परिवारों से सामूहिक तौर पर मिले।

राहुल गांधी के दौरे के मद्देनजर भागीरथपुरा में पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे और जगह-जगह बैरिकेड लगाए गए। भागीरथपुरा में दूषित पेयजल से लोगों के बीमार पड़ने का सिलसिला दिसंबर के आखिर में शुरू हुआ था।

स्थानीय नागरिकों ने इस प्रकोप में अब तक 24 लोगों के दम तोड़ने का दावा किया है। मृतकों के आंकड़े को लेकर विरोधाभासी दावों के बीच राज्य सरकार ने मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय की इंदौर पीठ में पेश स्थिति रिपोर्ट में भागीरथपुरा में उल्टी-दस्त के प्रकोप के दौरान पांच माह के बालक समेत सात लोगों की मौत का जिक्र किया है।

इस बीच, शहर के शासकीय महात्मा गांधी स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय की एक समिति की ओर से किए गए ‘डेथ ऑडिट’ की रिपोर्ट में संकेत दिया गया है कि भागीरथपुरा के 15 लोगों की मौत इस प्रकोप से किसी न किसी तरह जुड़ी हो सकती है।

प्रशासन ने भागीरथपुरा में उल्टी-दस्त का प्रकोप शुरू होने के बाद जान गंवाने वाले 21 लोगों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये का मुआवजा दिया है।

अधिकारियों का दावा है कि इनमें से कुछ लोगों की मौत दूसरी बीमारियों और अन्य कारणों से हुई है, लेकिन सभी मृतकों के परिवारों को मानवीय आधार पर आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है।