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राहुल गांधी का हमला ही मोदी की शक्ति

हम 2013 से राजनीति का यह नया तमाशा तो देख ही रहे हैं. विरोधी दलों के हमले को नरेंद्र मोदी अवसर की तरह लपक लेते हैं. साल 2013 में जब वे भाजपा के पोस्टर ब्वाय घोषित किये गये तब तत्कालीन सत्तारूढ़ कांग्रेस ने उन पर कई तरह के हमले किए. मसलन उन्हें चाय वाला बता कर राजनीतिक एलीट ने तुच्छ कहा. इसी को नरेंद्र मोदी ने पकड़ा और गरीबों का अपमान बताया. उस समय राहुल गांधी को वे कांग्रेस का युवराज बताते थे. उनकी बात का यह असर पड़ा कि कांग्रेस का अर्थ गांधी परिवार तक सीमित हो गया. उन्हीं दिनों मणिशंकर अय्यर ने एक ऐसा बयान दिया, जिसने 2014 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को दो अंकों तक समेट दिया