पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने भ्रष्टाचार से जुड़े मामले में शुक्रवार को जालंधर से एएपी विधायक रमन अरोड़ा को गिरफ्तार किया। पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने सत्तारूढ़ विधायक रमन अरोड़ा के जालंधर स्थित घर पर छापेमारी की।
54 साल के अरोड़ा सेंट्रल विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं। सूत्रों ने बताया कि छापेमारी जालंधर में कुछ अधिकारियों के जरिए निर्दोष लोगों को कथित तौर पर झूठे नोटिस भेजने से संबंधित है, जिसमें अरोड़ा की भूमिका सवालों के घेरे में आ गई है।
राज्य सरकार ने हाल ही में अरोड़ा की सुरक्षा वापस ले ली थी, जिसके बाद विधायक ने मीडिया से कहा कि उन्हें इस कदम के पीछे के कारण की जानकारी नहीं है। इससे पहले, अरोड़ा के सुरक्षा कवर में कथित तौर पर 14 बंदूकधारी थे।
गिरफ्तारी पर प्रतिक्रिया देते हुए पंजाब के सीएम भगवंत मान ने कहा, "हमने 2022 में जनता द्वारा दी गई जिम्मेदारी संभाली है। हमने गारंटी दी है कि हम भ्रष्टाचार को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेंगे, चाहे वो शख्स कोई भी हो। चाहे वो शख्स किसी भी राजनीतिक दल का हो या कोई भी अधिकारी, किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। आज फिर जनता को पता चल गया है कि आप को नहीं दिखता कि भ्रष्टाचार कौन कर रहा है, चाहे वह व्यक्ति हमारा ही क्यों न हो (एएपी विधायक रमन अरोड़ा की गिरफ्तारी का जिक्र करते हुए)।ये किसी व्यक्ति के खिलाफ नहीं बल्कि भ्रष्ट व्यवस्था के खिलाफ लड़ाई है। ये आप की भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति है।"