महाराष्ट्र के पुणे में इंद्रायणी नदी पर ढहे पुल के लोहे के मलबे को रविवार रात साफ कर दिया गया है। लापता लोगों की तलाश का अभियान सोमवार सुबह करीब 10 बजे फिर शुरू होगा। पुणे के मावल तहसील में रविवार दोपहर को इंद्रायणी नदी पर बना 32 साल पुराना लोहे का पैदल यात्री पुल ढह गया। इस पुल को पहले से असुरक्षित घोषित कर दिया गया था। ऐसे में पर्यटकों ने लगे चेतावनी बोर्ड को नजरअंदाज कर दिया था।
जब ये हादसा दोपहर 3:30 बजे कुंदमाला में हुआ, तब पुल पर 100 से ज्यादा लोग मौजूद थे। कुंदमाला में पिछले कुछ दिनों से तेज बारिश हो रही है, जिससे नदी का बहाव स्थिर है। जिला प्रशासन की ओर से जारी बयान में बताया गया, "अब तक 51 लोगों को बचाया जा चुका है। इनमें से 18 गंभीर रूप से घायल हैं और उन्हें तीन अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। इलाज के दौरान दो लोगों की मौत हो गई।"
मृतकों की पहचान चंद्रकांत साथले, रोहित माने और विहान माने के रूप में हुई है। मृतकों में से एक की पहचान नहीं हो पाई है। पुणे के कलेक्टर जितेंद्र डूडी ने बताया कि पुल को असुरक्षित घोषित किया गया था, लेकिन वहां 100 लोग मौजूद थे, जिनमें से ज्यादातर सेल्फी लेने में व्यस्त थे।
पुणे पुल हादसा: इंद्रायणी नदी से मलबा साफ किया गया
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