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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राज्यसभा के लिए चार लोगों को किया मनोनीत

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने हाल ही में चार प्रतिष्ठित व्यक्तियों को राज्यसभा के लिए नामित किया है। राष्ट्रपति ने संविधान (अनुच्छेद 80(1)(a)) के अंतर्गत चार लोगों को राज्यसभा में मनोनीत किया। यह नामांकन पूर्व नामित सदस्यों की सेवानिवृत्ति से खाली हुई सीटों की पूर्ति हेतु किया गया।

नामित सदस्यों में प्रमुख हैं: वरिष्ठ लोक अभियोजक उज्जवल निकम, जो मुंबई 26/11 हमलों के मुकदमे में विशेष लोक अभियोजक के रूप में जाने जाते हैं; हरश वर्धन श्रिंगला, जो भारत के पूर्व विदेश सचिव रहें और अमेरिका, बांग्लादेश एवं थाईलैंड में राजदूत रहे; इतिहासकार डॉ. मीनाक्षी जैन, जिन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय में इतिहास में योगदान दिया है; तथा सी. सदानंदन मास्टर, केरल के एक शिक्षक एवं सामाजिक कार्यकर्ता, जो 1994 में राजनीतिक हिंसा में गंभीर रूप से घायल हुए थे और भाजपा से जुड़े हैं।

इनकी गोपनीय रूप से उद्घोषित सदस्यता की अधिसूचना 12 जुलाई 2025 के सरकारी गजट में प्रकाशित हुई, जिसमें आधिकारिक रूप से यह स्पष्ट किया गया कि ये नामांकन पिछले नामित सदस्यों के स्थान पर किया गया है। अब इनका कार्यकाल छह वर्ष का होगा, जो 2025 से शुरू होकर 2031 तक चलेगा।

इन नामों का चयन सामाजिक सेवा, कला, साहित्य, और राजनैतिक-न्यायिक क्षेत्र में इनके विशेष ज्ञान और अनुभव को ध्यान में रखकर किया गया है जैसा कि संविधान द्वारा निर्धारित है कि राज्यसभा में ऐसे नामित सदस्य सांसदों का बहुमूल्य योगदान करते हैं। इस नामांकन से राज्यसभा में विधायी प्रक्रिया में विविध और विशेषज्ञ दृष्टिकोण जुड़ने की संभावनाएं बढ़ीं हैं। इन व्यक्तियों के अनुभव चाहे वह कानूनी, कूटनीतिक, शिक्षण या इतिहास संविधान निर्मित प्रतिनिधित्व प्रणाली को और सशक्त बनाएंगे।