पूर्वांचल की सियासत के कभी बेताज बादशाह रहे पूर्व मंत्री हरिशंकर तिवारी को लेकर फिर एक बार सियासत गर्मा गई है. हरिशंकर तिवारी की जयंती पर 5 अगस्त को उनकी प्रतिमा लगाने की तैयारी थी. प्रतिमा लगाने के लिए पैतृक गांव टांडा में बनाए चबूतरे को प्रशासन ने बुधवार को बुलडोजर से ढहवा दिया. योगी सरकार के इस एक्शन को हरिशंकर तिवारी के बेटे विनय शंकर तिवारी ने ब्राह्मण स्वाभिमान से जोड़ा तो सपा प्रमुख अखिलेश यादव भी समर्थन में उतर गए हैं. वहीं, बीजेपी का कहना है कि तिवारी परिवार अपनी खत्म होती सियासत को बचाने के लिए ओछी राजनीति पर उतर गया है.