कोलकाता के सरकारी आरजी कर अस्पताल में एक ट्रेनी महिला चिकित्सक से बलात्कार के बाद उसकी हत्या से जुड़े मामले में मृतका के परिजन ने सोमवार को कहा कि वो दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाने के अदालत के फैसले से खुश नहीं हैं। उन्होंने दावा किया कि मामले की जांच अधूरे मन से की गई और अपराध में शामिल कई दूसरे अपराधियों को बचा लिया गया। उन्होंने कहा कि वो न्याय के लिए ऊपरी अदालत में जाएंगे।
मृतका की मां ने कहा, “हम स्तब्ध हैं। ये कैसे ये दुर्लभ से दुर्लभतम मामलों में नहीं है। ड्यूटी पर तैनात एक डॉक्टर को बलात्कार के बाद मार डाला गया। हम निराश हैं। इस अपराध के पीछे बड़ा षड़यंत्र था।" न्यायाधीश ने फैसला सुनाते हुए कहा कि ये दुर्लभ से दुर्लभतम मामला नहीं है, जिसमें दोषी को मौत की सजा सुनाई जाए। मृतका के पिता ने कहा कि वे तब तक अपनी लड़ाई जारी रखेंगे, जब तक कि दूसरे सभी अपराधियों को भी सजा नहीं मिल जाती।
सियालदह की एक अदालत ने पिछले साल अगस्त में सरकारी आर. जी. कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में ड्यूटी पर तैनात एक ट्रेनी महिला चिकित्सक से बलात्कार और हत्या के मामले में संजय रॉय को दोषी ठहराते हुए सोमवार को उसे मृत्यु होने तक कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने राज्य सरकार को मृतका के परिवार को 17 लाख रुपये का मुआवजा देने का भी निर्देश दिया।