मुंबई के न्यू इंडिया को-ऑपरेटिव बैंक के ग्राहक आरबीआई द्वारा बैंक पर प्रतिबंध लगाए जाने से परेशान हैं। आरबीआई ने दो दिन पहले बैंक पर प्रतिबंध लगाया था, लेकिन अभी तक वे अपनी बचत नहीं निकाल पा रहे हैं। आलम ये है कि बैंक के बाहर ग्राहक इकट्ठे हो रहे हैं और अपनी परेशानी का कुछ हल निकालने की तलाश में हैं।
इस सहकारी बैंक की 28 शाखाओं में से ज्यादातर मुंबई में हैं। एक पुणे में और दूसरी गुजरात के सूरत में है। एक ग्राहक ने कहा, "हमारे जीवन की लाखों की 40 सालों की जमा पूंजी बेकार हो गई है। सड़क पर भिखारी बनने के लिए छोड़ दिया गया है। शायद इसमें बड़े राजनेता शामिल हैं और हमारे जैसे गरीब लोग पीड़ित हैं।"