प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देश के बाद संघ लोकसेवा आयोग (यूपीएससी) से सीधी भर्ती का विज्ञापन रद्द करने को कहा गया है. इसके लिए कार्मिक एवं प्रशिक्षण मंत्री जितेंद्र सिंह ने पीएम मोदी के निर्देशानुसार लेटरल एंट्री विज्ञापन रद्द करने के लिए यूपीएससी के प्रमुख को पत्र लिखा है. इससे पहले लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी समेत कई विपक्षी दलों ने सीधी भर्ती में लेटरल एंट्री और उसमें आरक्षण नहीं दिए जाने पर विरोध किया था. बाद में सरकार में शामिल सहयोगी दल भी इसके विरोध में आ गए थे.
कार्मिक मंत्रालय के राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने संघ लोकसेवा आयोग की प्रमुख प्रीति सुदान को भेजे अपने पत्र में कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सार्वजनिक सेवा में आरक्षण के हिमायती हैं. हमारी सरकार सोशल जस्टिस को मजबूत करने को लेकर प्रतिबद्ध है, इसलिए हम आपसे अनुरोध करते हैं कि उन वैकेंसी का रिव्यू कर रद्द कर दिया जाए जिसे 17 अगस्त को यूपीएससी की ओर से जारी किया गया था.