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IRCTC घोटाला मामले में लालू परिवार की बढ़ सकती है मुश्किलें, आज कोर्ट सुनाएगा बड़ा फैसला

दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट आज बुधवार को बहुचर्चित IRCTC घोटाला मामले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में अपना अहम फैसला सुना सकती है. विशेष न्यायाधीश विशाल गोने की अदालत यह तय करेगी कि प्रवर्तन निदेशालय द्वारा दाखिल चार्जशीट के आधार पर आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए जाएं या नहीं. इस मामले में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव समेत कुल 16 लोग आरोपी हैं.

यह मामला साल 2004 से 2009 के बीच का है, जब लालू प्रसाद यादव केंद्र की संप्रग (UPA-1) सरकार में रेल मंत्री थे. आरोप है कि रेलवे के दो होटलों बीएनआर रांची और बीएनआर पुरी के रखरखाव और संचालन का जिम्मा निजी कंपनी ‘सुजाता होटल्स’ को देने के बदले में लालू यादव के परिवार को पटना में कीमती जमीन उपहार में दी गई थी.

आरोपों के मुताबिक, कोचर बंधुओं (सुजाता होटल्स के मालिक) ने पटना में बेली रोड स्थित करोड़ों की जमीन ‘डिलाइट मार्केटिंग कंपनी’ को ट्रांसफर की थी, जिसका नियंत्रण बाद में लालू यादव के परिवार के पास आ गया. सीबीआई ने इस मामले में भ्रष्टाचार का केस दर्ज किया था, जिसके आधार पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की थी.

आज का दिन लालू परिवार के लिए बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि कोर्ट यह तय करेगा कि मामले में आगे ट्रायल चलाने के लिए पर्याप्त सबूत हैं या नहीं. उल्लेखनीय है कि सीबीआई (CBI) द्वारा दर्ज किए गए भ्रष्टाचार के मामले में पहले ही आरोप तय हो चुके हैं. यदि आज कोर्ट मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों को बरकरार रखता है, तो आरोपियों की कानूनी मुश्किलें और बढ़ सकती हैं. पिछली सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने इन आरोपों का खंडन करते हुए इसे राजनीतिक प्रतिशोध बताया था, जबकि ईडी ने कोर्ट के सामने पुख्ता साक्ष्य होने का दावा किया है. आज आने वाले इस फैसले पर न केवल बिहार बल्कि पूरे देश की राजनीतिक गलियारों की निगाहें टिकी हुई हैं.