राष्ट्रपति भवन के मुताबिक राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू गुरुवार को सियाचिन बेस कैंप का दौरा करेंगी और वहां तैनात सैनिकों से बातचीत करेंगी। सियाचिन का दौरा करने वाली द्रौपदी मुर्मू देश की तीसरी राष्ट्रपति होंगी। ये दुनिया का सबसे ऊंचा युद्ध क्षेत्र है, जो केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख में मौजूद है।
पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम और राम नाथ कोविंद ने भी सियाचिन बेस कैंप का दौरा किया था। कलाम ने अप्रैल 2004 में और कोविंद ने मई 2018 में इस बेस कैंप का दौरा किया था। राष्ट्रपति भवन ने बुधवार को जारी एक बयान में कहा, "भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू कल (26 सितंबर, 2024) को सियाचिन बेस कैंप का दौरा करेंगी और वहां तैनात सैनिकों से बातचीत करेंगी।"
सियाचिन ग्लेशियर कराकोरम पर्वत रेंज में लगभग 20,000 फीट की ऊंचाई पर है। इसे दुनिया के सबसे ऊंचे सैन्य क्षेत्र के रूप में जाना जाता है, जहां सैनिकों को भीषण ठंड और तेज हवाओं से जूझना पड़ता है। "ऑपरेशन मेघदूत" के तहत भारतीय सेना ने 13 अप्रैल 1984 को ग्लेशियर पर अपना कंट्रोल बनाया था।