पश्चिम एशिया में संघर्ष से कर्नाटक के पोल्ट्री उद्योग को भारी झटका पहुंचा है। ईरान से अंडों का निर्यात ठप हो गया है और मुर्गी पालक किसान गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। पोल्ट्री उद्योग के मुताबिक इस रुकावट से पहले ईरान से रोजाना लगभग 80 लाख से 1 करोड़ अंडे निर्यात किए जा रहे थे। निर्यात बंद होने की वजह से विदेशी बाजारों पर निर्भर पोल्ट्री किसान परेशान हैं।
रमजान और ईस्टर से पहले अंडों की बिक्री पहले से घट रही थी, जिससे स्थानीय मांग और प्रभावित हुई। पोल्ट्री फीड की कीमतें भी बढ़ गई हैं, जिससे किसानों की स्थिति और खराब हो गई है। अंडों की गिरती कीमतों और फीड की बढ़ती लागत के कारण पोल्ट्री उत्पादकों पर आर्थिक बोझ बढ़ गया है।
केंद्र सरकार ने पहले भरोसा दिया था कि अंडों का निर्यात फिर से शुरू करने के लिए व्यवस्था की जाएगी, लेकिन अभी तक शिपमेंट फिर से शुरू नहीं हुए हैं, जिससे किसान बढ़ते नुकसान को लेकर चिंतित हैं।