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वन नेशन, वन इलेक्शन बिल पर JPC की समयसीमा बढ़ी, 2026 मानसून सत्र तक बढ़ी डेडलाइन

लोकसभा ने बुधवार को ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ से जुड़े विधेयकों पर संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) की रिपोर्ट पेश करने की समय-सीमा बढ़ा दी है। अब समिति अपनी रिपोर्ट 2026 के मानसून सत्र के आखिरी सप्ताह के पहले दिन तक सौंप सकेगी। यह प्रस्ताव ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ पैनल के अध्यक्ष पीपी चौधरी ने पेश किया, जिसे सदन ने मंजूरी दे दी। समिति संविधान (129वां संशोधन) विधेयक, 2024 और केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक, 2024 की समीक्षा कर रही है।

ये विधेयक देश में लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के चुनाव एक साथ कराने यानी ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ की व्यवस्था लागू करने से जुड़े हैं। दिसंबर 2024 में पेश किए गए इन बिलों को आगे की जांच के लिए जेपीसी को भेजा गया था। जेपीसी फिलहाल इन प्रस्तावों पर विस्तार से विचार कर रही है। हाल ही में 9 मार्च को संसद भवन एनेक्सी में हुई बैठक में पूर्व जम्मू-कश्मीर मुख्यमंत्री गुलाम नबी आजाद ने भी समिति के साथ चर्चा की और अपने अनुभव साझा किए। जेपीसी अध्यक्ष पीपी चौधरी ने कहा कि ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ किसी राजनीतिक दल के लिए नहीं, बल्कि राष्ट्रीय हित में है। उनका मानना है कि इससे एक समान मतदाता सूची बनेगी और समय व संसाधनों की बचत होगी।