जमीयत उलमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने छत्तीसगढ़ और अलीगढ़ में हुई मॉब लिंचिंग की घटनाओं पर गुस्सा जाहिर किया है. उनका कहना है कि मुसलमानों के खिलाफ योजनाबद्ध तरीके से घटनाएं हो रही है. मदनी ने भीड़ द्वारा हिंसा के खिलाफ संसद में कड़ा कानून लाए जाने की मांग की है. उन्होंने कहा कि हाल ही में हुए लोकसभा चुनाव में देश के ज्यादातर लोगों ने सांप्रदायिकता और नफरत की राजनीति को खारिज कर दिया है लेकिन इसके बावजूद पिछले कुछ सालों से संप्रदाय वादियों ने लोगों के दिल और दिमाग में नफरत का जो जहर भरा है वो पूरी तरह से खत्म नहीं हुआ है. उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ और अलीगढ़ की घटनाएं इसका सबूत हैं.