उत्तर प्रदेश में लोकसभा चुनाव के नतीजे से समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव के हौसले बुलंद थे, क्योंकि सपा 37 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी के तौर पर उभरी है. सपा ने 2027 में सूबे की सत्ता पर काबिज होने का सपना संजोय रखा था, जिसके चलते पार्टी अपने सियासी आधार को बढ़ाने में जुटी हुई थी. ऐसे में अयोध्या में हुए रेप कांड ने सपा के सियासी गणित को बिगाड़ दिया है. अयोध्या की घटना को लेकर योगी सरकार और बीजेपी नेताओं ने जिस तरह आक्रामक रुख अपना रखा है, उसके जरिए माना जा रहा है कि सपा के पीडीए फॉर्मूले में सेंधमारी का प्लान है.