Jammu and Kashmir: सघन और सतर्क गश्त… दुश्मन के ठिकानों पर निगाहें… नियंत्रण रेखा पर तैनात भारतीय सेना के जवानों का कहना है कि वे सीमा पार से अपने दुश्मनों से किसी भी तरह के दुस्साहस का माकूल जवाब देने के लिए तैयार हैं।
ये जम्मू-कश्मीर का पुंछ सेक्टर है, जो एलओसी पर सबसे अधिक अस्थिर सीमावर्ती क्षेत्रों में से एक है। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान ने इसी इलाके में भारी गोलाबारी की थी। ऑपरेशन सिंदूर से साबित हो गया कि भारत दुश्मन के किसी भी हमले का जवाब ईंट के मुकाबले पत्थर से दे सकता है। इसमें पुंछ में तैनात सैनिकों ने आगे बढ़कर भूमिका निभाई।
पहलगाम हमले के जवाब में भारत ने केवल पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर और पाकिस्तान में आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाया था लेकिन पाकिस्तान ने भारत में सैन्य चौकियों और नागरिक ठिकानों पर गोलाबारी करके कायरता का परिचय दिया। जवाबी कार्रवाई में, भारत ने सटीक तोपखाने से हमला किया, दुश्मन के ठिकानों पर गोलाबारी की और उन्हें मलबे में तब्दील कर दिया।
सीमा पार से भारी गोलाबारी और ड्रोन हमलों के बावजूद, पुंछ में भारतीय सैनिकों ने दृढ़ता और मजबूती से जवाब दिया। अत्याधुनिक रडारों सहित भारत की युद्धक्षेत्र निगरानी प्रणालियों ने पहले से ही दुश्मन की गतिविधियों का पता लगाकर अपनी काबिलियत एक बार फिर साबित कर दी।
एआई तकनीक से लैस सेंसरों ने सेना के लिए न केवल दुश्मन के ठिकानों पर नज़र रखना आसान बना दिया, बल्कि उनके आवागमन के रास्तों और उनके पास मौजूद हथियारों पर भी नज़र रखना आसान हो गया था। जैसे ही दुश्मन की मौजूदगी का पता चला, वैसे ही उसके हमला करने से पहले उसे तकनीक के दम पर तुरंत बेअसर कर दिया।
ऑपरेशन सिंदूर के जरिए भारत ने एक बार फिर पूरी दुनिया को बता दिया कि भारत अपनी सीमाओं और नागरिकों की रक्षा करना अच्छे से जानता है। भारतीय सेना ने जिस तरह से पाकिस्तान को पटखनी दी, उसे पूरी दुनिया ने देखा। पुंछ में तैनात भारतीय सेना के इन शेरदिल जवानों ने पाकिस्तान को उसी की भाषा में सबक सिखाने में अहम भूमिका निभाई।