भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला आज इतिहास रचने जा रहे हैं। वह निजी अंतरिक्ष मिशन Axiom-4 के तहत अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) की ओर रवाना होंगे। वह 1984 में अंतरिक्ष गए राकेश शर्मा के बाद दूसरे भारतीय होंगे जो पृथ्वी की कक्षा से बाहर जाएंगे। यह मिशन अमेरिका की नासा और स्पेसएक्स द्वारा संचालित किया जा रहा है और इसका प्रक्षेपण फ्लोरिडा के कैनेडी स्पेस सेंटर से होगा। शुभांशु इस मिशन में पायलट की भूमिका निभा रहे हैं। उनके साथ मिशन कमांडर पैगी व्हिटसन, हंगरी के टिबोर कापू, और पोलैंड के स्लावोज उज्नास्की शामिल हैं।
यह मिशन पहले कई बार तकनीकी कारणों से टल चुका था, लेकिन अब सभी सिस्टम लॉन्च के लिए पूरी तरह अनुकूल हैं। मिशन के दौरान शुभांशु अंतरिक्ष में 14 दिन बिताएंगे। वह इसरो के 7 वैज्ञानिक प्रयोगों और नासा के 5 शोध अध्ययनों में भाग लेंगे। इनमें मेथी और मूंग जैसे बीजों को अंतरिक्ष में अंकुरित करने का प्रयोग भी शामिल है, जिससे भविष्य में अंतरिक्ष में खेती की संभावनाएं बढ़ेंगी।
शुभांशु को पहले गगनयान मिशन के लिए चुना गया था और उन्होंने रूस और भारत में विशेष प्रशिक्षण प्राप्त किया है। Axiom-4 मिशन से मिला अनुभव गगनयान की सफलता में अहम भूमिका निभाएगा। इस मिशन पर इसरो द्वारा लगभग 550 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। यह मिशन भारत के लिए गर्व का क्षण है और एक नई अंतरिक्ष यात्रा की शुरुआत भी।