गुजरात, समृद्ध विरासत और कुदरती सुंदरता से भरा हुआ राज्य है। साल 2024 में गुजरात में करीब 18 करोड़ पर्यटक पहुंचे, जिसकी वजह से ये देश के प्रमुख पर्यटन स्थलों वाले राज्य रूप में भी उभरा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार की नीतियों और मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की तरफ से किए गए पर्यटन के प्रचार से राज्य में पर्यटकों की संख्या भारी तादात में बढ़ी है। जिससे सरकार को काफी लाभ हुआ है। राज्य सरकार की तरफ से "खुशबू गुजरात की" जैसे अभियान चलाकर पर्यटकों का ध्यान राज्य की ओर आकर्षित किया गया है, जिसमें राज्य की जीवंत संस्कृति और कुदरती सुंदरता को दिखाया गया है।
गुजरात सरकार अब उन पर्यटक स्थलों को आगे बढ़ाने पर जोर दे रही है जो ज्यादा मशहूर नहीं है। इनमें बरदा सर्किट शामिल है इस सर्किट में नवलखा सूर्य मंदिर, प्राचीन घुमली खंडहर, आशापुरा मंदिर, सोनकंसारी डेरा और जम्बुवंती गुफाएं जैसे पर्यटन स्थल शामिल हैं। पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए यहां पर 40 करोड़ रुपयों के निवेश से सड़कों और होटलों सहित इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण किया जा रहा है ताकि ये जगह प्रमुख पर्यटन स्थलों के रूप में विकसित हो सकें और यहां की समृद्ध विरासत को देखने के लिए ज्यादा से ज्यादा पर्यटक आ सकें। पर्यटकों की संख्या बढ़ाने को लेकर गुजरात सरकार ने गांधी कॉरिडोर विकसित करने के लिए 2.5 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। ये कॉरिडोर सैलानियों को बापू के जीवन से जुड़ी जगहों के बारे में बताएगा।
गांधी कॉरिडोर की तरह, पोरबंदर की सबसे संपन्न ईकोलॉजिकल साइट्स में से एक मोकरसागर वेटलैंड को एक स्थायी इको-टूरिज्म प्लेस में बदला जा रहा है। ये इस इलाके की समृद्ध विरासत और वन्य जीवन को दिखाता है। इसके साथ ही, गुजरात के नेचुरल वंडर्स और वेटलैंड्स से लेकर शांत अस्मावती रिवरफ्रंट तक, स्थायी पर्यटन की कहानी कह रहे हैं। गुजरात आकर्षित करने वाले नजारे और शांति की तलाश करने वाले सैलानियों के लिए वाइब्रेंट डेस्टिनेशन बन रहा है।