Manipur: केंद्र ने जातीय संघर्ष से प्रभावित मणिपुर में सुरक्षा ड्यूटी के लिए केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की दो नई बटालियन की तैनाती का निर्देश दिया है, जिनमें करीब दो हजार जवान होंगे। आधिकारिक सूत्रों ने मंगलवार को ये जानकारी दी। जानकारी के मुताबिक बटालियन संख्या-58 को वारंगल (तेलंगाना) से, जबकि बटालियन संख्या-112 को लातेहार (झारखंड) से भेजा जा रहा है।
उन्होंने बताया कि एक बटालियन को मणिपुर के कांगवई (चुराचांदपुर) जबकि दूसरी बटालियन को इंफाल के आसपास तैनात किया जाएगा। सूत्रों ने बताया कि ये कदम जम्मू-कश्मीर और पूर्वोत्तर के कुछ अन्य हिस्सों में तैनाती के लिए मणिपुर से असम राइफल्स की दो बटालियन को वापस बुलाए जाने के बाद उठाया गया है।
गृह मंत्रालय ने निर्देश दिया है कि इन दो नई बटालिन की सभी कंपनियां (लगभग छह-छह) हिंसा प्रभावित राज्य के विभिन्न भागों में तैनात रहेंगी, जहां पिछले साल मई से जातीय संघर्ष जारी है, जिसमें 200 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है।
सीआरपीएफ की एक बटालियन में करीब 1,000 जवान होते हैं। इस बल के पास मुख्य रूप से तीन तरह की जिम्मेदारी है, जिनमें पूर्वोत्तर में उग्रवाद से निपटना, नक्सल-रोधी अभियान चलाना और जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद-रोधी अभियान शामिल हैं। सूत्रों ने बताया कि पिछले वर्ष की हिंसा के बाद मणिपुर में पहले से ही बल की 16 बटालियन तैनात हैं। हिंसा भड़कने से पहले मणिपुर में बल की करीब 10-11 बटालियन थीं।
एक आला सुरक्षा अधिकारी ने पीटीआई वीडियो को बताया, ‘‘मणिपुर में सीआरपीएफ की प्रमुख भूमिका होगी। पिछले साल मई में मेतैई और कुकी लोगों के बीच हिंसा भड़कने के बाद बल की नई बटालिन राज्य में भेजी गई थीं और अब बल को मजबूत किया जा रहा है ताकि निर्णय लेने की प्रक्रिया बेहतर हो सके।’’
इस बीच, सीआरपीएफ और सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के अधिकारियों और कुछ स्वतंत्र तकनीकी विशेषज्ञों की एक संयुक्त टीम इस सप्ताह के अंत में मणिपुर का दौरा करेगी।
ये टीम पिछले कुछ दिनों में राज्य के कुछ क्षेत्रों में हमले में इस्तेमाल किए गए ड्रोन और रॉकेट का ‘‘विश्लेषणात्मक अध्ययन’’ करेगी