जम्मू-कश्मीर में बढ़ती आतंकवादी घटनाएं चिंता का विषय बनी हुई हैं. जहां बीते कुछ महीनों से लगातार एसी घटनाओं की खबरें सामने आ रही हैं. जिसमें सेना के कई जवान भी शहीद हए. इन घटनाओं को लेकर केंद्र सरकार की ओर से भी सख्त लहजे में ये बात कही जा चुकी है कि इस पर अंकुश लगाने के लिए सरकार प्रयास कर रही है. और आतंकवादियों को उन्हीं की भाषा में जवाब दिया जाएगा और इसी के साथ जो प्रशासनिक कमियां हैं. उन पर भी ध्यान दिया जाएगा. इस बीच गृह मंत्रालय ने बढ़ा एक्शन लिया है जहां बीएसएफ के दो अधिकारियों के खिलाफ एक्शन लेते हुए उन्हें पदों से हटा दिया गया है. बीएसएफ डीजी नीतिन अग्रवाल और स्पेशल डीजी वाई बी खुरानिया को पद से कार्यमुक्त कर दिया गया है. बीएसएफ डीजी नीतिन अग्रवाल को मूल कैडर यानि केरल कैडर में वापस भेज दिया गया है. वहीं, स्पेशल डीजी वाईबी खुरानिया को भी हटाकर उन्हें भी ओडिशा कैडर में वापस भेज दिया गया.
पहली बार दो वरिष्ठतम अधिकारियों पर गिरी गाज
हालांकि सरकार ने अचानक केरल कैडर में वापसी के बारे में कुछ नहीं कहा है, लेकिन माना जा रहा है कि जम्मू सेक्टर में घुसपैठ बढ़ने के कारण नितिन अग्रवाल को बीएसएफ प्रभार से मुक्त किया गया है. जम्मू-कश्मीर में अंतरराष्ट्रीय सीमा और एलओसी के कुछ हिस्सों की सुरक्षा बीएसएफ करती है. इसके अलावा पंजाब सेक्टर से लगातार हो रही आतंकी घुसपैठ को प्रभावशाली ढंग से काबू ना कर पाना भी इस एक्शन की बड़ी वजह मानी जा रही है. पिछले कई सालों में ऐसा पहली बार हुआ है, जब 2 वरिष्ठतम अधिकारियों को इस तरीके से हटाया गया है, जो किसी अर्ध सैनिक बलों को लीड कर रहे थे. जानकारी के मुताबिक जल्द ही नए अधिकारियों की नियुक्ति की जाएगी.