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हल्द्वानी के बनभूलपुरा में रेलवे की जमीन से हटेगा अतिक्रमण, विस्थापितों को मिलेंगे हर महीने 2 हजार रुपये

हल्द्वानी में रेलवे भूमि पर अतिक्रमण से जुड़े बहुचर्चित मामले में सुप्रीम कोर्ट ने पुनर्वास को लेकर स्पष्ट और कड़े निर्देश जारी किए हैं। अदालत ने कहा कि परियोजना से जुड़ा गतिरोध अनिश्चितकाल तक जारी नहीं रह सकता और पुनर्वास प्रक्रिया को समयबद्ध व पारदर्शी ढंग से आगे बढ़ाना आवश्यक है।

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने जिला प्रशासन को निर्देश दिया कि प्रभावित परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवेदन कराने के लिए स्थल पर विशेष पुनर्वास कैंप लगाए जाएं। साथ ही 31 मार्च 2026 तक 2019 की पुनर्वास नीति के तहत उठाए गए कदमों की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया है।

सुनवाई के दौरान रेलवे की ओर से बताया गया कि लाइन के रियलाइन्मेंट के लिए 30.65 हेक्टेयर भूमि की आवश्यकता है। जिन संरचनाओं को ध्वस्त किया गया है, उनके लिए प्रत्येक प्रभावित परिवार को छह माह तक 2000 रुपये प्रतिमाह देने का प्रस्ताव रखा गया है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि जिन लोगों को छोटे भूखंडों का स्वामी चिन्हित किया गया है, उनकी भूमि विधिवत अधिग्रहण प्रक्रिया के तहत ही ली जाएगी।