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चुनाव आयोग ने तमिलनाडु की 42 पार्टियों का पंजीकरण किया रद्द

इलेक्शन कमीशन बड़ी खबर आ रही है। दरअसल, आयोग ने तमिलनाडु की 42 राजनीतिक पार्टियों का पंजीकरण रद्द कर दिया है। चुनाव आयोग ने तमिलनाडु की 42 रजिस्टर्ड अनरेकग्नाइज्ड पॉलिटिकल पार्टियों (RUPPs) का पंजीकरण रद्द कर दिया है। यह कार्रवाई आयोग के दूसरे चरण की डीरेजिस्ट्रेशन प्रक्रिया का हिस्सा है, जिसमें पूरे देश में कुल 474 ऐसी पार्टियों की जांच कि गई है। इन सभी पार्टियों ने पिछले छह वर्षों (2019 के बाद) से किसी भी विधानसभा या लोकसभा चुनाव में हिस्सा नहीं लिया था। आयोग के मुताबिक ये नियम है कि कोई राजनीतिक पार्टी अगर ऐसा करती है तो उसका पंजीकरण रद्द किया जा सकता है। आयोग के मुताबिक जिन पार्टियों का रजिस्ट्रेन रद्द किया है उसमें से एक भी पार्टी ने बीते छह सालों में लोकसभा या विधानसभा चुनाव में एक भी सीट पर अपने उम्मीदवार को चुनाव नहीं लड़ाया था।

चुनाव आयोग के नियमों के मुताबिक देश में राजनीतिक पाटियों के लिए पांच वर्षों के भीतर कम से कम एक चुनाव लड़ना अनिवार्य होता है। बता दें तमिलनाडु में जिन पार्टियों के रजिस्ट्रेन रद्द किए गए उनमें से कुछ प्रमुख हैं मणिथनेया मक्कल काची (MMK), तमिलनाडु पीपुल्स प्रोग्रेसिव, कोंगुनाडु मक्कल देशिया काची (KMDK) और ह्यूमैनिटी पीपुल्स पार्टी। चुनाव आयोग का दावा है कि ये कदम देश की चुनावी प्रक्रिया को मजबूत बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है।

तमिलनाडु की इन 42 पार्टियों के पंजीकरण रद्द होने से बिहार विधानसभा चुनाव 2025 पर कोई सीधा या अप्रत्यक्ष असर नहीं पड़ेगा। ये पार्टियां मुख्य रूप से तमिलनाडु-केंद्रित हैं और बिहार में उनकी कोई सक्रियता या उपस्थिति नहीं रही है। बता दें नवंबर में बिहार में विधानसभा चुनाव 2025 होने हैं। फिलहाल राज्य में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के तहत 65 लाख वोटरों के नाम हटाए जाने का काम हो रहा है, जिसका विपक्ष विरोध कर रही है।