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कर्नाटक में 17 ठिकानों पर ED की छापेमारी, Gamezkraft Technologies के 3 संस्थापक गिरफ्तार

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शुक्रवार को गेम्जक्राफ्ट टेक्नोलॉजीज लिमिटेड के तीन संस्थापकों को धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत गिरफ्तार किया। दीपक सिंह और पृथ्वी राज सिंह को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) से गिरफ्तार किया गया, जबकि विकास तनेजा को बेंगलुरु से पकड़ा गया। इसके बाद ईडी ने दीपक और पृथ्वी को बेंगलुरु की अदालत में पेश करने के लिए ट्रांजिट रिमांड हासिल किया, जबकि तनेजा को स्थानीय अदालत में पेश किया गया।

तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी 7 मई को ईडी द्वारा कर्नाटक और एनसीआर में 17 स्थानों पर की गई छापेमारी के बाद हुई। ये छापे गेम्जक्राफ्ट समूह की कंपनियों, उनके संस्थापकों और कर्मचारियों से जुड़े मामलों में मारे गए थे। अधिकारियों के अनुसार, छापेमारी के दौरान कई आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद किए गए। जांच एजेंसी का कहना है कि उपलब्ध सबूतों के आधार पर गेम्जक्राफ्ट समूह के संस्थापक मनी लॉन्ड्रिंग के अपराध में शामिल पाए गए हैं।

गेम्जक्राफ्ट टेक्नोलॉजीज लिमिटेड और उससे जुड़ी अन्य कंपनियों के खिलाफ PMLA के तहत मामला दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई कंपनी और उसके संस्थापकों के खिलाफ दर्ज कई धोखाधड़ी और ठगी के मामलों के आधार पर की गई है। आरोप है कि कंपनी ‘रम्मीकल्चर’ और ‘रम्मीटाइम’ जैसे ऑनलाइन रियल मनी गेम्स संचालित कर रही थी। कंपनी के खिलाफ कई ऐसे मामले भी दर्ज हैं, जिनमें पीड़ितों द्वारा आत्महत्या करने का आरोप जुड़ा हुआ है।

इससे पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने ऑनलाइन गेमिंग प्रोत्साहन और विनियमन विधेयक, 2025 को मंजूरी दी थी, जिसे संसद ने पारित किया था। यह विधेयक ई-स्पोर्ट्स और ऑनलाइन सोशल गेम्स को बढ़ावा देने के साथ-साथ हानिकारक ऑनलाइन मनी गेमिंग सेवाओं, उनके विज्ञापनों और उनसे जुड़े वित्तीय लेनदेन पर रोक लगाने के उद्देश्य से लाया गया था। विधेयक में कौशल, संयोग या दोनों पर आधारित किसी भी प्रकार के ऑनलाइन मनी गेम्स के संचालन, प्रचार या सुविधा उपलब्ध कराने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का प्रावधान है।

यह बिल पहले लोकसभा और फिर अगले दिन राज्यसभा में पारित किया गया था। इसका उद्देश्य ई-स्पोर्ट्स और सामाजिक ऑनलाइन गेम्स को प्रोत्साहित करना तथा ऑनलाइन मनी गेमिंग पर सख्ती से रोक लगाना है। ऑनलाइन मनी गेम खेलने वालों पर कोई दंड नहीं होगा, लेकिन ऐसे गेम्स चलाने वाले सेवा प्रदाताओं, विज्ञापनदाताओं, प्रमोटरों और वित्तीय सहयोग देने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। यह भी बताया कि केंद्र सरकार अधिकारियों को ऐसे मामलों में जांच, तलाशी और डिजिटल या भौतिक संपत्तियों को जब्त करने का अधिकार दे सकती है। कुछ मामलों में अधिकारियों को बिना वारंट के तलाशी और गिरफ्तारी की भी शक्ति होगी।