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पेपर लीक संशोधन बिल को कैबिनेट से मंजूरी, 10 साल जेल और ₹10 करोड़ का जुर्माना

New Delhi: केंद्र सरकार पेपर लीक और सरकारी परीक्षाओं में नकल रोकने वाले कानून में बदलाव करने की तैयारी कर रही है। इसके तहत पेपर लीक से जुड़े मामलों की जल्द सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट का प्रावधान किया जाएगा, सूत्रों ने बताया कि प्रस्तावित बदलाव में दोषियों की जेल की सजा भी बढ़ाई जा सकती है, अभी अधिकतम 10 साल की सजा का प्रावधान है।

कानून-

एसएससी और एनटीए जैसी सरकारी परीक्षाओं में पेपर लीक, नकल और संगठित गड़बड़ी रोकने का प्रावधान है। इस कानून में दोषियों के लिए 10 साल तक की जेल और 1 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है। इसमें स्पेशल फॉस्ट ट्रैक कोर्ट को लीगल बैकिग मिलेगी, साथ ही फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट को तीन महीनों में सुनवाई करने और फैसला देने को कहा जाएगा। जबकि पेपर लीक मामले में 10 साल की सजा और 10 करोड़ के जुर्माना का प्रावधान होगा,  पेपर लीक संसोधन विधायक अगले हफ्ते ही संसद में पेश किया जाएगा.

प्रस्तावित विधेयक पर केंद्रीय मंत्रिमंडल में चर्चा की जाएगी, पेपर लीक रोकने के लिए बनाए गए सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 में यूपीएससी, एसएससी और एनटीए जैसी सरकारी परीक्षाओं में पेपर लीक, नकल और संगठित गड़बड़ी रोकने का प्रावधान है। इस कानून में दोषियों के लिए 10 साल तक की जेल और 1 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है।

नया विधेयक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की की घोषणा के बाद कहा था कि केंद्रीय मंत्रिमंडल शुक्रवार को नकल रोकने वाले कानून को और मजबूत बनाने वाले विधेयक पर चर्चा करेगा और दोषियों के लिए सख्त सजा का प्रावधान किया जाएगा।