देश में आयकर विभाग के काम की निगरानी करने वाले प्राधिकरण केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने अपने सदस्यों के बीच जिम्मेदारियों में फेरबदल किया है।
नई व्यवस्था के तहत जांच शाखा अब चेयरमैन को रिपोर्ट करेगी। एक आधिकारिक आदेश में 24 सितंबर को कहा गया कि सीबीडीटी के चेयरमैन रवि अग्रवाल बोर्ड के काम के अलावा जांच, केंद्रीय और आसूचना और आपराधिक जांच निदेशालयों के समन्वय और पूरे पर्यवेक्षण के प्रभारी होंगे।
अग्रवाल 1988 बैच के भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस) के अधिकारी हैं। एक वरिष्ठ अधिकारी ने पीटीआई वीडियो को बताया कि इससे पहले सीबीडीटी में सदस्य (जांच) का एक स्वतंत्र पद हुआ करता था, लेकिन पिछले साल बोर्ड के काम के पुनर्गठन के तहत इसे खत्म कर दिया गया था।
चेयरमैन को जांच के काम की निगरानी के लिए अधिकृत किया गया था। उन्होंने कहा कि तब कुछ अन्य सदस्यों की जिम्मेदारियों को भी पुनर्गठित किया गया था। आदेश के अनुसार, 1987 बैच के आईआरएस अधिकारी हरिंदर बीर सिंह गिल सदस्य (करदाता सेवाएं और राजस्व) होंगे। उनके पास सदस्य (प्रणाली और फेसलेस सेवाएं) का अतिरिक्त प्रभार भी होगा।
संजय कुमार सदस्य-आयकर के अतिरिक्त प्रभार के अलावा सदस्य-लेखा परीक्षा और न्यायिक का प्रभार भी संभालेंगे। वो 1988 बैच के अधिकारी हैं। प्रबोध सेठ सदस्य-प्रशासन होंगे। वो 1989 बैच के अधिकारी हैं। उनके बैच के रमेश नारायण पर्वत सदस्य-विधान होंगे।
सीबीडीटी ने सदस्यों के बीच जिम्मेदारियों में बदलाव किया
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