आंध्र प्रदेश में एवियन इन्फ्लुएंजा यानी H5N1 का कहर पश्चिम गोदावरी, पूर्वी गोदावरी, एलुरु, एनटीआर और कुरनूल जिलों में सबसे ज्यादा देखने को मिल रहा है। नेल्लोर के अधिकारियों ने बताया कि इस जिले में अभी तक कोई मामला सामने नहीं आया है।
एच फाइव एन वन को आमतौर पर बर्ड फ्लू के नाम से जाना जाता है। ये एक तेजी से फैलने वाला संक्रामक वायरस है जो पक्षियों के साथ साथ इंसानों को भी प्रभावित करता है। समय रहते इलाज न मिलने पर ये काफी खतरनाक भी साबित हो सकता है। पशुपालन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक रैपिड रिस्पांस टीमें प्रभावित क्षेत्रों में सक्रिय रूप से निगरानी और रोकथाम की कोशिशों में जुट गई हैं
बर्ड फ्लू के खौफ की वजह से पोल्ट्री उद्योग को काफी नुकसान का सामना करना पड़ा है। आंध्र प्रदेश सरकार ने प्रभावित जिलों में रेड जोन यानी 1 किलोमीटर का दायरा) और निगरानी क्षेत्र यानी 10 किमी का दायरा घोषित किया है। इन इलाकों में पोल्ट्री परिवहन पर बैन लगा दिया गया है। बर्ड फ्लू की वजह से अब तक पांच लाख से ज्यादा मुर्गियां मर चुकी हैं और डेढ़ लाख से ज्यादा मुर्गियों को इरादतन मारा जा चुका है।
बर्ड फ्लू की वजह से तेलंगाना ने आंध्र प्रदेश से पोल्ट्री उत्पादों के आयात पर रोक लगा दी है और बॉर्डर पर चेक-पोस्ट भी बना दिए हैं।