Breaking News

बरगी डैम क्रूज हादसा: 48 घंटे बाद मिला एक बच्चे का शव, मृतकों की संख्या 10 हुई     |   ICC महिला T20 विश्व कप के लिए भारतीय टीम का ऐलान, हरमनप्रीत कौर रहेंगी कप्तान     |   बंगाल: ममता बनर्जी आज काउंटिंग एजेंट्स संग करेंगी अहम बैठक     |   बंगाल री-पोलिंग: दोपहर 3 बजे तक 72.43% मतदान दर्ज     |   खराब मौसम के चलते 3 दिनों में केदारनाथ धाम की 50 प्रतिशत हेलीकॉप्टर टिकट कैंसिल     |  

बिहार को मिलेंगे छह नए हवाई अड्डे, नीतीश कैबिनेट ने दी मंजूरी

बिहार के छह और शहरों में हवाई अड्डे बनाने के लिए भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर करने के लिए राज्य कैबिनेट ने मंगलवार को अपनी मंजूरी दे दी। केंद्र की क्षेत्रीय संपर्क योजना ‘उड़ान’ (उड़े देश का आम नागरिक) के तहत मधुबनी, सुपौल में बीरपुर, मुंगेर, बेतिया में वाल्मीकि नगर, मुजफ्फरपुर और सहरसा में नए हवाई अड्डे विकसित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता वाली कैबिनेट ने हवाई अड्डों के विकास के लिए राज्य के विमानन निदेशालय और एएआई के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर करने के लिए अपनी मंजूरी दे दी।

अतिरिक्त मुख्य सचिव एस. सिद्धार्थ ने बताया, ‘‘कुल 150 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं जिसमें से प्रत्येक हवाई अड्डे के विकास के लिए 25 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।’’ राज्य में विधानसभा चुनाव से कुछ महीने पहले यह फैसला लिया गया। उन्होंने बताया कि कैबिनेट ने पटना में आयकर गोलंबर के पास एक पांच सितारा होटल के निर्माण के लिए ‘कुमार इंफ्राट्रेड एंटरप्राइजेज लिमिटेड’ को ठेका देने के लिए भी मंजूरी दे दी है।

उन्होंने कहा, ‘‘होटल को सार्वजनिक-निजी भागीदारी के तहत विकसित किया जाएगा और जमीन 90 साल की लीज पर दी जाएगी। पटना में बांकीपुर बस स्टैंड तथा आर गोलंबर के पास दो और पांच सितारा होटलों के निर्माण के लिए बोली प्रक्रिया को भी अंतिम रूप दिया जा रहा है।’’ सिद्धार्थ ने बताया कि कैबिनेट ने चने के लिए 5,650 रुपये, सरसों के लिए 5,950 रुपये और मसूर के लिए 6,700 रुपये न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) भी तय किया है।

ये भी फैसला लिया गया कि विशेष सहायक पुलिस (एसएपी) में भर्ती 1,717 सेवानिवृत्त सैन्य कर्मियों का अनुबंध 2025-26 तक बढ़ाया जाएगा।
कैबिनेट ने सरकारी स्कूलों और पुस्तकालयों में लिपिक और लाइब्रेरियन की भर्ती के लिए दिशा-निर्देशों को भी मंजूरी दी। अधिकारी ने बताया, ‘‘नए नियमों के तहत शिक्षा विभाग में 50 प्रतिशत लिपिक पद अब अनुकंपा नियुक्ति के जरिए भरे जाएंगे, जबकि शेष 50 प्रतिशत पद सीधी भर्ती के माध्यम से भरे जाएंगे।’’