ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (एआईयूडीएफ) के प्रवक्ता मसूद जमान ने 'असम अनिवार्य पंजीकरण मुस्लिम विवाह और तलाक विधेयक, 2024' लाने के लिए असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा को लेकर कहा कि सरमा जब से सीएम बने हैं हर क्षेत्र में फेल हो गए हैं।
मसूद जमान ने कहा, " हिमंता बिस्वा सरमा असम के सीएम हैं, इसलिए वे सभी क्षेत्रों में विफल रहे हैं। हर बार वे धर्मों का मुद्दा उठाते हैं। मुझे लगता है कि सोने से पहले वे सोचते हैं कि अगली सुबह वह कौन से धर्म के मुद्दे उठाएंगे।" हालांकि इस कानून को बीजेपी सांसदों से प्रशंसा मिली, विधायक दिगंता कलिता ने कहा कि इससे बाल विवाह पर रोक लगेगी।
बता दें, असम विधानसभा ने गुरुवार को मुस्लिम शादियां और तलाक रजिस्टर करने वाले 90 साल पुराने कानून- असम मुस्लिम मैरिज और डिवोर्स रजिस्ट्रेशन एक्ट, 1935 को रद्द करने का बिल पास किया। इस बिल का नाम असम कंपल्सरी रजिस्ट्रेशन ऑफ मुस्लिम मैरिज एंड डिवोर्स बिल, 2024 है।
पुराने कानून के रद्द किए जाने के बाद मुस्लिम समाज के लोगों को शादी और तलाक का रजिस्ट्रेशन करना जरूरी होगा। 22 अगस्त को असम कैबिनेट ने इस बिल को मंजूरी दी थी।
इसे लेकर असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने कहा कि यह विधेयक पार्टी की राजनीति से ऊपर है। अब हमारा अगला लक्ष्य बहुविवाह पर बैन लगाना है।