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संत संसद 2026 में अरुण कृष्ण महाराज ने राष्ट्र और संस्कारों पर दिया जोर

29 मार्च को जयपुर में ‘संत संसद 2026’ कार्यक्रम का भव्य आयोजन भक्ति भाव के साथ किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन नेटवर्क10 न्यूज चैनल द्वारा किया गया, जिसमें देशभर से अनेक साधु-संतों, महामंडलेश्वरों और धार्मिक हस्तियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का मुख्य विषय था— “अब नहीं होगा जात-पात, बात होगी सिर्फ राष्ट्रवाद”। इस विषय पर सभी संतों ने अपने विचार रखते हुए समाज में एकता, समरसता और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने पर जोर दिया। 

इस अवसर पर धर्माचार्य अरुण कृष्ण महाराज भी मौजूद रहे। अपने संबोधन में उन्होंने भगवान राम के जीवन से एक प्रसंग सुनाया। उन्होंने राम और बाली प्रसंग का जिक्र करते हुए बताया कि जब भगवान राम ने बाली का वध किया, तब बाली ने उनसे प्रश्न किया कि इतने पराक्रमी होकर भी उन्होंने उसे सामने से क्यों नहीं मारा। इस पर भगवान राम ने उत्तर दिया कि यह संपूर्ण धरती, वन, पर्वत और जीव-जंतु धर्म व्यवस्था के अंतर्गत आते हैं और अधर्म करने वाले को दंड देना ही धर्म है। जो व्यक्ति अपने ही भाई की पत्नी का हरण करता है, वह धर्म की बात नहीं कर सकता। इसलिए अधर्मी के विनाश के लिए केवल अस्त्र-शस्त्र की आवश्यकता होती है। 

महाराज ने कहा, "1 हजार से 2 हजार वर्षों पहले भारत भूमि 1 करोड़ वर्ग किलोमीटर की थी, लेकिन आज यह घटकर 32 लाख वर्ग किलोमीटर ही रह गई है। मैं भुक्तभोगी हूं, लव जिहाद के मामले अगर आप सुनेंगे तो आपकी आंखों से आंसू आ जाएंगे। घर-घर से बेटियां उठाई जा रही हैं। 30 करोड़ भूमि घेर ली गई है और हमारे पास मात्र 25 लाख वर्ग किलोमीटर की ही भूमि बची है। हमें लड़ना पड़ेगा और संतानों की उत्पत्ति करनी पड़ेगी।"

महाराज ने आगे कहा, "मैं बड़े गर्व से कहता हूं कि महादेव के आशीर्वाद से सैकड़ों बच्चों को मैं शराब और मांसाहार से बाहर निकाल चुका हूं। मैं उनसे कहता हूं कि बेटा, जब तक तुम शराब पियोगे, मांस खाओगे और जाति व्यवस्था में रहोगे, तब तक इस देश का कभी कल्याण नहीं होगा।"

उन्होंने कहा कि सैकड़ों बच्चों ने उनकी बात मानी है और अब वे शराब और मांसाहार से दूर हैं। अंत में महाराज ने सभी से अपील की कि वे बुरी आदतों को छोड़ें, अच्छे संस्कार अपनाएं और देश व समाज के हित में एकजुट होकर आगे बढ़ें।