भारत अस्त्र एमके-2 को अपने हथियारों के जखीरे में शामिल करने जा रहा है. जल्द ही हवा से हवा में मार करने वाली इस मिसाइल को राफेल एयरक्राफ्ट में लगाया जाएगा. इसके साथ ही तेजस मार्क 1A और तेजस मार्क 2A लड़ाकू विमान सुखोई और AMCA जैसे विमानों की ताकत बढ़ाएंगे.
अस्त्र एमके-2 मिसाइल हवा से हवा में मार करने वाली स्वदेशी मिसाइल है. जो बेयॉन्ड विजुअल रेंज भी हमला कर सकती है. मतलब की जहां तक किसी फाइटर जेट या अटैक हेलिकॉप्टर का पायलट देख सकता है, उसके दूर तक यह सटीक निशाना लगाने में सक्षम है.
अस्त्र-एमके कैटेगरी की मिसाइस अस्त्र-एमके1 को पहले ही सेना में शामिल किया गया था. यह मिलाइस रडार को चमका देने और हवा में अचूक निशाना लगाने में माहिर है. अस्त्र-एमके1 को रक्षा अनुसंधान एंव विकास संगठन (DRDO) ने विकसित किया है. इस मिसाइल की लंबाई 3.6 मीटर है और इसका वजन 154 किलोग्राम है. जब यह मिसाइल सामने से किसी विमान का पीछा करती है तो यह 80 से 110 किलोमीटर तक दुश्मनों को ढेर कर सकती है. यह 4.5 मैक की गति से यात्रा कर सकती है. फिलहाल, भारतीय वायुसेना अस्त्र-एमके1 के परफॉर्मेंस से संतुष्ट है.