बेटियों की सुरक्षा के लिए देश के कोने-कोने से आवाज उठ रही है. लेकिन इसके बावजूद लगातार एसी शर्मनाक घटनाएं सामने आते ही जा रही है. महाराष्ट्र में दो बच्चियों के साथ यौन शोषण की शर्मनाक घटना सामने आई. घटना के बाद प्रशासन का रवैया देख जनता आक्रोशित हो गई है. जनता इंसाफ और सुरक्षा की मांग को लेकर अब सड़कों पर है.
केस में पुलिस ने की ढिलाई! FIR दर्ज करने में लगे 12 घंटे
महाराष्ट्र के ठाणे से सामने आई इस घटना की जो शुरूआती जानकारियां सामने आईं है उसमें पता लगा कि शुरूआत में पुलिस की ओर से इस मामले को दर्ज करने में ढिलाई की गई और जब जैसे-तैसे एफआईआर दर्ज हुई उसके डिटेल्स बेहद चौंकाने वाली है. बच्चियां डरी हुईं हैं लेकिन इसके बावजूद पुलिस का जो रवैया रहा वो बेहद संवेदनहीन रहा. पुलिस के इस रवैये से लोग बहुत ज्यादा आक्रोशित हो गए हैं. सोचिए जिस राज्य से महान क्रांतिकारी सावित्री बाई फुले आती हैं. जोकि देश की पहली महिला टीचर रही. आज उसी राज्य में बच्चियों के लिए स्कूल सुरक्षित नहीं है इस घटना के बाद से साबित होता है.
बदलापुर में लाठीचार्ज
महाराष्ट्र के बदलापुर में दो बच्चियों के साथ बदसलूकी के मामले में विरोध प्रदर्शन उग्र हो गया. प्रदर्शनकारी कई घंटे तक रेलवे ट्रैक पर बैठे रहे, जिससे मुंबई-पुणे रेलवे सेवाएं ठप हो गईं. पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश की, लेकिन असफल रही. इसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज किया.
बार-बार सामने आती एसी घटनाएं चिंता बढ़ाने वाली है. पहले कोलकाता और उसके बाद फिर बदलापुर की ये घटना बच्चियों और महिलाओं की सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े करती हैं.