बॉम्बे हाई कोर्ट ने सोमवार को फैशन डिजाइनर और ‘लिबास’ ब्रांड के मालिक रियाज़ गंज़ी के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया है। अदालत ने उनके द्वारा अपनाई गई अनैतिक कार्यप्रणालियों पर कड़ा रुख अपनाते हुए मुंबई पुलिस को निर्देश दिया है कि अवमानना याचिका के मामले में उनकी व्यक्तिगत उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। यह याचिका लुधियाना की एक रियल एस्टेट कंपनी के करोड़ों रुपये के बकाया भुगतान न करने और धोखाधड़ी के आरोपों को लेकर दायर की गई है।
इसके साथ ही अदालत ने कंपनी और उसके निदेशकों पर रोक लगाते हुए आदेश दिया है कि वे किसी भी प्रकार की चल या अचल, मूर्त या अमूर्त संपत्ति का लेन-देन या निपटान न करें। गौरतलब है कि इससे पहले भी रियाज़ गंज़ी पर बकाया भुगतान न करने को लेकर विवाद हो चुके हैं। मुंबई पुलिस में उनके और उनकी पत्नी के खिलाफ धोखाधड़ी के मामले दर्ज किए गए हैं। इसके अलावा, उन पर मुंबई पुलिस में झूठी और दुर्भावनापूर्ण शिकायतें दर्ज कराने तथा कर्जदाताओं से धमकी मिलने के दावे कर न्याय प्रक्रिया को प्रभावित करने और अधिकारियों को गुमराह करने के आरोप भी लग चुके हैं।