Breaking News

शुरुआती कारोबार में डॉलर के मुकाबले संभला रुपया; 6 पैसे की मजबूती के साथ 96.10 पर पहुंचा     |   UP विधानसभा चुनाव से पहले बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करने में जुटी BJP     |   फीफा वर्ल्ड कप के दीवानों के लिए असम सरकार का बड़ा तोहफा, रात 3:30 बजे तक खुलेंगे रेस्टोरेंट     |   अमेरिका ने ईरान की नौसेना और मिसाइल साइटों को बनाया निशाना, 7 घंटे तक चला भीषण हवाई हमला     |   सुप्रीम कोर्ट में हंगामा करने वाले लखनऊ यूनिवर्सिटी के 2 लॉ छात्र गिरफ्तार, FIR दर्ज     |  

बलूचिस्तान में स्कूल-कॉलेज 31 मार्च तक बंद, कई शहरों में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं निलंबित

बलूचिस्तान सरकार ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए शैक्षणिक गतिविधियों के निलंबन को 31 मार्च तक बढ़ा दिया है और कई शहरों में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं भी बंद करने के निर्देश दिए हैं। यह जानकारी द बलूचिस्तान पोस्ट (TBP) की रिपोर्ट में दी गई है। कॉलेज, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग द्वारा जारी आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, सभी सरकारी और निजी शैक्षणिक संस्थान—जिनमें स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय, डिग्री और इंटरमीडिएट कॉलेज, पॉलिटेक्निक संस्थान, बलूचिस्तान रेजिडेंशियल कॉलेज (BRCs) और कैडेट कॉलेज शामिल हैं—इस अवधि के दौरान बंद रहेंगे।

यह फैसला 9 मार्च को जारी पहले के आदेश के बाद लिया गया है, जब शैक्षणिक गतिविधियों को प्रारंभिक रूप से निलंबित किया गया था। अधिकारियों ने बताया कि मौजूदा सुरक्षा स्थिति को देखते हुए छात्रों और स्टाफ की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा प्रशासनिक आवश्यकताओं के कारण इस बंद को बढ़ाना जरूरी था। अधिसूचना में यह भी स्पष्ट किया गया है कि इस दौरान किसी भी प्रकार की शैक्षणिक या सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों की अनुमति नहीं होगी और निर्देशों का उल्लंघन करने पर कार्रवाई की जाएगी।

एक अन्य घटनाक्रम में, बलूचिस्तान के कई हिस्सों—जिनमें प्रांतीय राजधानी क्वेटा, नोशकी, खारान, दल्बंदिन, मस्तुंग, कलात, सिबी और आसपास के क्षेत्र शामिल हैं—में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं भी निलंबित कर दी गई हैं। प्रांत के गृह मंत्रालय ने बताया कि यह कदम भी सुरक्षा कारणों से उठाया गया है, हालांकि सेवाओं की बहाली को लेकर कोई समयसीमा घोषित नहीं की गई है।

इन कदमों की राजनीतिक और सामाजिक संगठनों ने आलोचना की है, जिन्होंने कहा है कि इससे संचार, दैनिक जीवन और सूचना तक पहुंच पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। यह निर्णय 23 मार्च के आसपास बढ़ाए गए सुरक्षा प्रबंधों के बीच लिया गया है, जब कुछ क्षेत्रों में इंटरनेट सेवाएं और ट्रेन संचालन भी रोक दिए गए थे।

हालांकि अधिकारियों ने संभावित खतरों के बारे में विस्तृत जानकारी नहीं दी है, लेकिन उन्होंने इन कदमों को एहतियाती बताया है। शैक्षणिक संस्थानों का बंद रहना और संचार सेवाओं में बाधा क्षेत्र में जारी सुरक्षा चुनौतियों को उजागर करता है, जबकि सीमित पहुंच और आधिकारिक जानकारी की कमी के कारण स्थिति का स्वतंत्र आकलन भी मुश्किल बना हुआ है।