Breaking News

केरलम में प्रधानमंत्री मोदी बोले- LDF सरकार जाएगी, जनता को NDA पर भरोसा     |   राजस्थान SI भर्ती 2021: HC ने सिंगल बेंच का फैसला बरकरार रखा, अभ्यर्थियों को झटका     |   'झूठ फैलाने में माहिर हैं LDF-UDF', केरल में विपक्षी गठबंधन पर PM मोदी का निशाना     |   अफगानिस्तान में आए 5.9 तीव्रता के भूकंप में एक घर ढहने से 8 लोगों की मौत     |   अमेरिकी विमानों को गिराए जाने का ईरान के साथ बातचीत पर नहीं पड़ेगा कोई असर: ट्रंप     |  

ओबीसी युवाओं को 'ओ लेवल' व 'सीसीसी' कंप्यूटर प्रशिक्षण का मिलेगा लाभ, ₹15,000 तक की मिलेगी मदद

लखनऊ: प्रदेश सरकार द्वारा संचालित कम्प्यूटर प्रशिक्षण योजना 2025-26 के तहत अन्य पिछड़े वर्ग (ओबीसी) के युवाओं को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। योजना के अंतर्गत 14 जुलाई 2025 तक आवेदन स्वीकार किए जा रहे हैं।  इस योजना के लिए वर्ष 2025-26 में ₹35.00 करोड़ की राशि प्राविधानित की गई है। आवेदन https://obccomputertraining.upsdc.gov.in/ पोर्टल के माध्यम से किए जा सकते हैं।

299 संस्थाओं का चयन
योजना के अंतर्गत इस बार कुल 435 संस्थाओं ने आवेदन किया था, जिनमें से नियमों के अनुरूप पात्र 299 संस्थाओं का चयन किया गया। इनमें 52 संस्थाएं 'ओ लेवल', 43 संस्थाएं 'सीसीसी' और 204 संस्थाएं दोनों प्रकार के प्रशिक्षण प्रदान करेंगी।

प्रशिक्षण और सहायता की रूपरेखा
पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेंद्र कश्यप ने बताया कि योजना के तहत इंटरमीडिएट पास बेरोजगार युवक-युवतियां, जिनके अभिभावकों की वार्षिक आय ₹1 लाख या उससे कम है, वे लाभार्थी बन सकते हैं। 'ओ लेवल' कोर्स की 1 वर्ष की अवधि होती है, जिसमें ₹15,000 तक की सहायता मिलती है। वहीं, 'सीसीसी' कोर्स की 3 माह की अवधि है, जिसमें ₹3,500 तक की सहायता दी जाती है। यह सहायता प्रत्यक्ष रूप से चयनित संस्थाओं को दी जाएगी। यदि किसी लाभार्थी ने खुद शुल्क अदा किया है तो प्रमाण-पत्र सत्यापन के बाद उसे भुगतान किया जाएगा।

चयन प्रक्रिया
संस्थाओं का चयन निदेशक स्तर पर गठित समिति द्वारा किया जाता है, जबकि लाभार्थियों का चयन जनपद स्तर पर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा किया जाएगा।योजना की नियमावली में संशोधन कर 9 अप्रैल 2025 को निदेशालय द्वारा संशोधित प्रस्ताय जारी किया गया था, जिससे आवेदन प्रक्रिया और पारदर्शी हो गई है।