Breaking News

राम मंदिर चढ़ावा चोरी की CBI जांच की मांग, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने खारिज की याचिका     |   ईरान के सम्मान, प्रगति और गौरव के रास्ते पर आगे बढ़ते रहेंगे: मसूद पेजेश्कियान     |   चीन ने बैलिस्टिक मिसाइल का परीक्षण किया, ऑस्ट्रेलिया-न्यूजीलैंड ने जताया विरोध     |   चंपत राय पर थोड़ी देर में फैसला, मीटिंग के लिए पहुंचने लगे राम मंदिर ट्रस्ट के सदस्य     |   पश्चिम बंगाल में राज्यसभा की तीन रिक्त सीटों पर 24 जुलाई को उपचुनाव     |  

जनता को धोखा देने की इजाजत नहीं दी जा सकती, भ्रामक विज्ञापनों पर सुप्रीम कोर्ट

New Delhi: सुप्रीम कोर्ट ने भ्रामक विज्ञापनों के संबंध में मंगलवार को कहा कि ‘‘ हम जनता को धोखा देने की अनुमति नहीं दे सकते।" इसके साथ ही न्यायालय ने केंद्र और राज्य के लाइसेंस अधिकारियों को भ्रामक विज्ञापनों से निपटने के लिए खुद को ‘तैयार’ होने के लिए कहा। 

सुप्रीम कोर्ट ने आयुष मंत्रालय के अगस्त 2023 के पत्र को लेकर केंद्र से भी सवाल किया, जिसमें लाइसेंस अधिकारियों को औषधि और प्रसाधन सामग्री नियमावली, 1945 के नियम 170 के तहत कोई कार्रवाई शुरू नहीं करने को कहा गया था। सुप्रीम कोर्ट ने इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के सदस्यों के अत्यधिक महंगी दवाइयां लिखने के लिए उसकी भी खिंचाई की। 

जस्टिस हिमा कोहली और जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह की बेंच ने पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड के भ्रामक विज्ञापनों से संबंधित मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि कई अन्य कंपनियां (एफएमसीजी) भी इस रास्ते पर जा रही हैं और केंद्र को इस बारे में जवाब देना होगा कि उसने क्या किया है।