दिल्ली-एनसीआर में सोमवार सुबह भूकंप के झटके महसूस किए गए। भूकंप की तीव्रता 4.0 बताई गई है। शुरुआती खबरों के मुताबिक भूकंप से जान-माल की हानि नहीं हुई है। नेशनल सेंटर ऑफ सिस्मोलॉजी ने बताया कि भूकंप धरती की सतह से करीब पांच किलोमीटर नीचे सुबह 5.38 पर पैदा हुआ।
धरती की सतह से पांच से 10 किलोमीटर पैदा होने वाला भूकंप ज्यादा विनाशकारी होता है। इससे ज्यादा नीचे पैदा हुए भूकंप से नुकसान कम होता है। दिल्ली पुलिस ने एक्स पर पोस्ट किया, "हमें उम्मीद है कि आप सभी सुरक्षित हैं!" पुलिस ने लोगों को आपात स्थिति में 112 नंबर पर फोन करने की सलाह दी।
भूकंप आने पर दिल्ली, नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद की ऊंची इमारतों में रहने वाले कई लोग घर से बाहर निकल आए। दिल्ली हिमालय में सक्रिय भूकंप क्षेत्र से 250 किलोमीटर दूर है। यहां भूकंप का कमोबेश असर पड़ता है। राष्ट्रीय राजधानी सिस्मिक जोन IV में पड़ती है। ये देश में दूसरा सबसे खतरनाक जोन है।
उत्तर-पूर्वी दिल्ली में 12 अप्रैल, 2020 को 3,5 तीव्रता का भूकंप, 10 मई, 2020 को 3.4 तीव्रता का भूकंप आया था। इसके अलावा दिल्ली से करीब 50 किलोमीटर पश्चिम रोहतक में 29 मई, 2020 को 4.4 तीव्रता का भूकंप आया था। इसके बाद एक दर्जन से ज्यादा झटके महसूस किए गए थे, जिससे लोग भयभीत हो गए थे। 2022-23 में हरियाणा में भी भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए थे।
दिल्ली: एनसीआर में भूकंप के झटके, लोग घरों से बाहर निकले
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