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शराब पीकर दी गाली तो दोस्तों ने कर दिया कत्ल, तीन आरोपी गिरफ्तार

मेरठ के हस्तिनापुर थाना क्षेत्र में 11 फरवरी को ग्राम प्रधान के देवर रविशंकर का शव मिला था। जिसकी दर्दनाक तरीके से हत्या की गई थी। पुलिस ने शव वह कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के भिजवा दिया। पुलिस ने आज इस मामले का खुलासा करते हुए तीन लोगों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने खुलासा करते हुए बताया कि गांव के ही तीन लोगों ने रविशंकर को शराब के नशे में मार डाला। शराब पीने के दौरान हुए विवाद और गालीगलौज के कारण रविशंकर की हत्या की गई थी।

दरअसल पूरा मामला मेरठ के हस्तिनापुर थाना क्षेत्र का है जहां बीती 11 तारीख को गांव के ही रहने वाले रविशंकर का व गांव के जंगल में मिला था। रविशंकर की बेदर्द तरीके से हत्या की गई थी। पुलिस उसके बाद से ही इस मामले की जांच में जुटी थी। 

वहीं इस पूरे मामले में एसपी देहात डॉ राकेश कुमार मिश्रा ने हत्याकांड का खुलासा करते हुए गांव के ही तीन लोगों को गिरफ्तार किया। जिनके नाम रामवीर, विकास कुमार और हरीश है। पुलिस ने बताया कि। रविशंकर सोमवार को अपने खेत में गेंहू की फसल में पानी लगाने घर से गया था। दिनभर वापस नहीं लौटा दूसरे दिन मंगलवार को उस का शव खेत के पास रास्ते में मिला था। मृतक के भतीजे की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया था पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार किया और बताया कि पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि ये लोग अक्सर रविशंकर के साथ बैठकर शराब पीते थे। 

10 फरवरी को भी सब बैठकर शराब पी रहे थे। रविशंकर ने शराब के नशे में इन के साथ गालीगलौज और बदत्तमीजी कर दी। इन लोगों ने उसे गाली देने से रोका लेकिन वो माना नहीं। तभी गुस्से में आकर रामबीर और विकास ने रविशंकर को डंडे से पीटकर अधमरा कर दिया पहले हमने उसे डंडे से पीटा इसके बाद उसके गर्दन, मुंह पर फावड़े से वार कर काट दिया। जिससे रविशंकर की मौके पर ही मौत हो गई। फिर रविशंकर लाश ठिकाने लगाने के लिए विकास ने अपने भाई हरीश को मौके पर घर से बुलाया और रामवीर ने अपनी बाइक की चाबी विकास को दी और लाश ठिकाने लगाने के लिए हरीश, विकास को कहा। दोनों भाई विकास और हरीश ने मिकलर रविशंकर की लाश को बाइक पर रखा। हरीश पीछे लाश पकड़कर बैठा और विकास बाइक चला रहा था। दोनों लोग लाश को गंगा में फेंकने जा रहे थे। लेकिन रास्ते में लाइट दिखाई देने पर दोनों घबरा गए। लाश को लुकाधड़ी के जंगल में छोड़कर बाइक से वापस ट्यूबवेल पर आ गए। बाइक को ट्यूबवेल के पास बने कमरे में रख दिया। आलाकत्ल फावड़ा सरसों के खेत में छिपाया और डंडा झाड़ियों में छिपा दिया। तब तक रामवीर ने मौके पर बिखरे खून को कपड़े और मिट्‌टी से साफ कर दिया। इसके बाद तीनों लोग मौके से भाग गए। रामवीर, विकास इकावारा के जंगल में छिप गए। पुलिस ने घेरांबदी करते हुए दोनों को गिरफ्तार कर लिया। उनकी निशानदेही पर पुलिस ने हरीश को उसके घर से गिरफ्तार किया। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने फावड़ा, डंडा, कपड़े और घटना में इस्तेमाल हुई बाइक भी बरामद की है। तीनों को जेल भेज दिया है।