मेरठ में लगातार पुलिस अवैध हथियार बनाने वाले गिरोह पर शिकंजा कसने में लगी है। कुछ दिन पहले 4 मार्च को भी मेरठ पुलिस में एक बड़ी अवैध असला फैक्ट्री पर छापेमारी कर 13 अवैध पिस्तौल और बड़ी तादाद में पिस्तौल बनाने का सामान बरामद किया था। वही मेरठ पुलिस ने फिर दो और अवैध हथियार तस्करों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से दो अवैध पिस्तौल 70000 रुपए और एक क्रेटा कर भी बरामद की है।
आपको बता दें मेरठ के लोहिया नगर थाना क्षेत्र के हुमायूं नगर में 4 मार्च को पुलिस ने छापेमारी करके अवैध फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया था। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने छापेमारी की और वहां से मोइज नाम के आरोपी को गिरफ्तार किया था। आरोपी ने अपने घर की तीसरी मंजिल पर फैक्ट्री लगा रखी थी। वह कैंची बनाने का पहले धंधा किया करता था और फिर उसने एक हथियार कारीगर के पास काम सीख कर फैक्ट्री लगा ली । फैक्ट्री में बाकायदा बायोमैट्रिक फिंगरप्रिंट लॉक लगा रखा था जो सिर्फ आरोपी के फिंगरप्रिंट से ही खुलता था। पुलिस ने वहां से 13 तैयार और कई अध बनी पिस्तौल बरामद की थी। बड़ी मात्रा में मैगजीन और हथियार के उपकरण बरामद किए थे। पूछताछ में उसने अपने दो अन्य साथियों के नाम बताए थे यह दोनों पिस्टल को अलग-अलग जिलों में बेचने का काम करते थे। पुलिस ने इन दोनों को गिरफ्तार किया है।
इस पूरे मामले में मेरठ के एसपी देहात डॉ राकेश कुमार मिश्रा ने बताया कि दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जिनके नाम यशपाल और राजकुमार हैं यशपाल अलीगढ़ का रहने वाला है जबकि राजकुमार बुलंदशहर का रहने वाला है। पुलिस ने दोनों के पास से 70 हजार रुपए, 2 अवैध पिस्तौल और एक कार बरामद की है। पुलिस आरोपियों को जेल भेजने की तैयारी में लगी है और बाकी आरोपी की तलाश में लगी। मेरठ के एसपी देहात राकेश कुमार ने खुलासा करते हुए बताया कि मेरठ में 4 मार्च को लोहिया नगर थाना क्षेत्र में हुमायूं नगर में एक मुईज नाम के व्यक्ति को गिरफ्तार किया था जो अवैध शस्त्र फैक्ट्री के साथ गिरफ्तार हुआ था। इस मामले में आज दो व्यक्ति गिरफ्तार किए गए हैं जिसका नाम यशपाल निवासी अलीगढ़ और दूसरा थाना सिकंदराबाद बुलंदशहर पहनने वाला राजकुमार है। राजकुमार मुइज से जुड़ा हुआ है इस परबदो मर्डर के और एक गैंगस्टर का मुकदमा दर्ज है। कई अन्य लोगों के नाम भी प्रकाश में आए हैं उनकी तलाश की जा रही है। डीआईजी मेरठ द्वारा ऑपरेशन शास्त्र चलाया गया उसमें जो भी है उन पर विधिक कार्यवाही प्रभावी ढंग से हो इसका निश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है।