मेरठ में परतापुर हवाईपट्टी से निजी एविएशन कंपनी के हेलिकॉप्टर लूट की घटना ने देशभर में हड़कंप मचा दिया। विपक्ष के नेताओं ने यूपी पुलिस की सुरक्षा पर सवाल उठाते हुए इस पर कटाक्ष किया। वहीं पुलिस की प्रारंभिक जांच में मामला पार्टनर्स के विवाद का निकला। 4 महीने पुराने विवाद पर आई शिकायत की पुलिस गंभीरता से जांच कर रही है।
यह शिकायत अब पायलट रविंद्र सिंह की भी मुश्किलें बढ़ा सकती है। पूरे मामले में पुलिस, प्रशासन फर्जी शिकायत करने पर एक्शन लेने की तैयारी में है। जिलाधिकारी का कहना है कि गलत तथ्यों के साथ फॉल्स शिकायत करने पर एक्शन लिया जाएगा। रविंद्र सिंह ने जिस अतुल जैन पर तमाम आरोप लगाए वो डीजीसीए में इसकी कंप्लेन फाइल कर रहे हैं। ताकि भविष्य में उनकी कंपनी और उनके नाम को बदनाम न किया जाए। दैनिक भास्कर ने सभी पक्षों से बात कर मामले की हकीकत को जाना...
आपको बता दे बुधवार को रविंदर सिंह नामक व्यक्ति जो खुद को पायलट बताता है मेरठ एसएसपी दफ्तर में शिकायत लेकर पहुंचा। बताया कि मई 2024 में परतापुर हवाईपट्टी पर उसके साथ मारपीट हुई। वहां दस से पंद्रह लोग आए उसके हेलिकॉप्टर के पुर्जे खोलने लगे। जब उसने रोका तो उन लोगों ने गालीगलौज कर धमकाया। आरोप लगाया कि हवाईपट्टी पर खड़ा हेलिकॉप्टर ट्रक में ले जाने का भी आरोप लगाया। शिकायत में ट्रक का नंबर उक्त ट्रक ड्राइवर का नंबर भी लिखा गया। इतनी बड़ी घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। एसएसपी ने सीओ ब्रहमपुरी को मामले की जांच सौंपते हुए रिपोर्ट मांगी। इसके बाद रविंद्र सिंह मेरठ से ऋषिकेश चले गए।
सभी पक्षों की बातचीत पढ़िए....
1. सार एविएशन कंपनी मालिक जीसी पांडे बोले...
सार एविएशन के मालिक कैप्टन जीसी पांडे ने कहा सभी आरोप बेबुनियाद हैं मैंने अपनी सारें बात मेरठ पुलिस और जांच अधिकारी को बता दी है। जल्द हमारी तरफ से पूरे मामले में एक्शन लिया जाएगा।
2. डीजीसीए में कंप्लेन करुंगा अतुल जैन ने कहा...
नेटवर्क 10 से बातचीत में उद्योगपति अतुल जैन को एक हेलीकॉप्टर बेचने की डील की थी। अतुल जैन ने बताया मई 2023 में बकायदा सार एविएशन के साथ हेलिकॉप्टर खरीद की डील हुई, इसके बाद हमने हेलिकॉप्टर को मेरठ एयरस्ट्रिप से मंगवाया। हेलिकॉप्टर इस वक्त बैंगलुरु में एक दूसरी कंपनी के हैंगर पर है। हम हेलिकॉप्टर को परतापुर हवाई पट्टी से लेने आए थे लेकिन किन्हीं वजह से इस हेलिकॉप्टर को सड़क मार्ग से ले जाया गया। रविंद्र सिंह नामक व्यक्ति जो आरोप लगा रहा है वो सब बेबुनियाद और फर्जी हैं। हमारे पास डील के सारे डॉक्यूमेंट एप्रूवल्स हैं। रविंद्र सिंह सार कंपनी में एक स्टाफ है उससे हमारा कोई डायरेक्टर कम्युनिकेशन भी नहीं क्योंकि हम कंपनी के मालिक से कांटेक्ट करेंगे स्टाफ से नहीं। सार कंपनी के मालिक जीसी पांडे से हमारी बातचीत हुई। अब हम डीजीसीए में इसकी शिकायत करेंगे इस तरह हमारी कंपनी को बदनाम करने का काम किया जा रहा है। पूरे अप्रूवल्स के साथ हमने हेलिकॉप्टर लिया है।
3. हेलिकॉप्टर ले जाने वाले ट्रक ड्राइवर की बात पढ़िए...
वहीं जब इस मामले में उक्त ट्रक ड्राइवर जिसका नंबर पायलट रविंद्र सिंह ने अपनी शिकायत में भी उल्लेखित किया है उससे बात की तो उसने हेलिकाप्टर ले जाने की बात कही। ट्रक ड्राइवर राजस्थान भीलवाड़ा का रहने वाला है। उसने बताया कि 10 मई को उसकी कंपनी की तरफ से उसे मेरठ हवाईपट्टी से हेलिकॉप्टर ले जाने का ऑर्डर मिला था। ऑर्डर के बाद अपना 14 टायरा ट्रक लेकर वो मेरठ हवाईपट्टी आया। यहां से हेलिकॉप्टर लेकर गया जिसे उसने बैंग्लुरु में छोड़ा था।
जहां मेरठ के थाना परतापुर स्थित डॉक्टर भीमराव अंबेडकर हवाई पट्टी का है। यहां एसएआर एविएशन सर्विस प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े पायलट रवींद्र सिंह ने ये आरोप लगाए हैं। रवींद्र सिंह फोर्स से रिटायर होने के बाद इस कंपनी के लिए काम करते हैं। उनका कहना है कि वह कंपनी के शेयर होल्डर और डायरेक्टर भी हैं। पायलट ने तहरीर के साथ-साथ कुछ ईमेल्स की कॉपी भी दी हैं। उनका आरोप है कि लगातार शिकायत की जा रही है। लेकिन मामले पर एक्शन नहीं लिया जा रहा है। मीडिया से बात करते हुए रवींद्र सिंह ने बताया- दबंगों ने मुझे धमकाते हुए कहा कि शांत खड़े रहो, वरना तेरी दोनों टांगें काट दूंगा। इसके बाद हेलिकॉप्टर के पार्ट को अलग किया, ट्रक में भरा और लादकर ले गए। 14 टायर ट्रक राजस्थान नंबर का था।
इस पूरे मामले में हेलिकॉप्टर लूट की शिकायत गलत निकली। यह मामला शिकायतकर्ता पायलट रविंद्र सिंह और उनके पार्टनर कैप्टन जीसी पांडे के बीच हिस्सेदारी के विवाद को लेकर है। रविंद्र सिंह ने पुलिस से आपसी विवाद की बातें छिपाई। पायलट रविंद्र सिंह अक्टूबर 2023 तक सार एवियशन में पायलट थे। उन्होंने खुद के इस फर्म में पार्टनर होने का भी दावा किया है। रविंद्र सिंह को पिछले साल कंपनी से निकाल दिया गया था। इसके बाद उन्होंने शौर्य एयरोनॉटिक्स को ज्वाइन कर लिया। सार एविएशन के हेलीकॉप्टर और चार्टर विमान शौर्य एयरोनॉटिक्स के परतापुर हवाई पट्टी हैंगर पर मेंटेनेंस के लिए भेजे जाते हैं।
कैप्टन जीसी पांडे ने हरियाणा के उद्योगपति अतुल जैन को एक हेलीकॉप्टर बेचने की डील की थी। इस डील के पूरा होने के बाद अतुल जैन इस हेलिकॉप्टर को परतापुर हवाई पट्टी से लेने आए थे लेकिन किन्हीं वजह से इस हेलिकॉप्टर को सड़क मार्ग से ले जाया गया। इस दौरान 15 से 20 लोगों को हेलीकॉप्टर को ट्रक में शिफ्ट करने के लिए लगाया गया था। 10 मई 2024 को हेलीकॉप्टर को थाना पुलिस की मौजूदगी में हवाई पट्टी से शिफ्ट किया गया था। उद्योगपति अतुल जैन का कहना है कि हेलीकॉप्टर की डील में किसी तरह का कोई विवाद नहीं था। रविंद्र सिंह ने व्यवधान पैदा करने की कोशिश की जिसके बाद पुलिस की मदद ली गई थी। डीजीसीए से सारे एप्रुवल्स अब उनके नाम है और वह आधिकारिक रूप से हेलीकॉप्टर के स्वामी है। हेलीकॉप्टर लूट की बात फर्जी है।
अब पुलिस, प्रशासन का बयान पढ़िए...
सीओ ब्रह्मपुरी अंतरिक्ष जैन ने बताया कि पीड़ित की तरफ से एसएसपी के यहां शिकायत दी गई है। पूरे मामले की जांच मुझे मिली है। घटना 10 मई की है। पीड़ित ने अब शिकायत क्यों की? यह पहला सवाल है। ट्रक नंबर ड्राइवर को चिह्नित किया जा रहा है। उससे पूछताछ की जाएगी। साथ में यह भी पता लगाया जाएगा कि हेलिकॉप्टर कहां है?
वहीं इस मामले में मेरठ के एसएसपी डॉ विपिन ताडा ने बताया कि कल एक व्यक्ति ने पुलिस ऑफिस आकार 3 महीने पहले की एक घटना दिखाकर शिकायत दी जिसमें उनके साथ परतापुर हवाई पट्टी पर मारपीट और गाली गलौज करने की शिकायत दी गई है हेलीकॉप्टर लूट का उसमें कोई भी उल्लेख नहीं किया गया है ना ही इस प्रकार की कोई घटना घटित हुई है प्रथम दृष्टि यह प्रकरण एक एविएशन कंपनी के दो पार्टनर्स के बीच में है जिसमें कोई विवाद को लेकर झगड़ा है और इसमें जांच एएसपी को दी गई है जो की मौके पर जा कर जांच कर रहे हैं और इसमें जो भी विधिक कार्यवाही होगी वह की जाएगी जांच के उपरांत की जाएगी। फिलहाल इस प्रकार की लूट की कोई घटना नहीं है और यह घटना 3 महीने पूर्व की है।
इस पूरे मामले में जिलाधिकारी मेरठ दीपक मीणा का कहना है कि यह मामला दो लोगों के विवाद का है। पायलट और हेलिकॉप्टर ऑनर दोनों पार्टनर हैं जिनका विवाद चल रहा था। जो मेरठ एयरस्ट्रिप पर मेंटिनेंस के लिए आया था। ऑनर उसे मेंटिनेंस के लिए वापस कर्नाटक में कहीं भेज रहे थे। तब दोनों के बीच विवाद हुआ। तब पायलट की ओर से एक आवेदन किया गया था कि इनके बीच का विवाद रिजॉल्व हो सके। जो शिकायत पत्र मिला है उस पर जांच हो रही है। अगर किसी ने झूठ बोलकर गलत शिकायत की है तो उसपर भी एक्शन होगा।