मेरठ के एसएसपी डॉ. विपिन ताडा ने एक बार फिर भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ा एक्शन लिया है। उन्होंने बंदूक छोड़ने के लिए ढाईहजार रुपए मांगने वाले मवाना थाना प्रभारी विशाल श्रीवास्तव और सठला चौकी प्रभारी सत्येंद्र कुमार को सस्पेंड कर दिया है। जब इन दोनों ने लाइसेंसी बंदूक छोड़ने के नाम पर रुपए मांगे। किसी तरह शिकायत एसएसपी, डीआईजी तक पहुंची। मंगलवार रात एसएसपी ने दोनों को सस्पेंड कर दिया है।
आपको बता दें लालकुर्ती थाना पुलिस और स्वाट टीम ने 2 दिन पहले चैकिंग के दौरान कारतूसों का बड़ा जखीरा पकड़ा था। इसमें 3 आरोपियों शारिब, हैदर खान जो सठला के रहने वाले हैं और मवाना के उवैद खान को अरेस्ट कर जेल भेजा गया है। इनके पास 12 बोर के 204 और 315 बोर के 30 कारतूस बरामद किए थे। इन तीन आरोपियों में एक आरोपी मदरसे में पढ़ने वाला छात्र भी है। मेड इन इटली के ये कारतूस नीरज बवाना गैंग को सप्लाई किए जा रहे थे। पकड़े गए 3 आरोपियों ने अपने 4 अन्य साथी शाकिर, कदीम, जानी और भूरा के नाम बताए थे। जो फरार चल रहे हैं। जिनकी तलाश में पुलिस की 2 टीमें लगी हैं। लगातार यहां चैकिंग अभियान चल रहा था।
जिसके बाद मवाना पुलिस ने रविवार को सठला चौकी इंचार्ज सतेंद्र सिंह के नेतृत्व में चेकिंग अभियान चलाकर कुछ लोगों को हिरासत में लिया था। आरोप है कि इस दौरान दो बंदूक बरामद की गई थी। आरोप है कि एक युवक से बरामद बंदूक वापस करने के लिए चौकी प्रभारी ने ढाई हजार रुपए वसूले। कारतूस छोड़ने के लिए साढ़े 12हजार रुपए मांगे। सठला गांव के एक युवक ने इसकी शिकायत डीआईजी कलानिधि नैथानी से कर दी। साथ ही बातचीत, लेनदेन का ऑडियो भी सुनवाया। डीआइजी ने पूरे मामले की जांच के आदेश दिए।
वहीं डीआईजी कलानिधि नैथानी के आदेश पर मामले की जांच सीओ से कराई गई तो चौकी प्रभारी सत्येंद्र सिंह और थाना प्रभारी विशाल श्रीवास्तव पर लगे आरोप सही मिले। जांच में पता चला कि ये गैंग पिछले दो साल से कारतूसों की तस्करी कर रहा था। सठला चौकी प्रभारी और थाना प्रभारी को इसकी जानकारी तक नहीं थी।
इस पूरे मामले में एसएसपी डॉ. विपिन ताडा ने जांच रिपोर्ट के आधार पर तत्काल थाना प्रभारी विशाल श्रीवास्तव और सठला चौकी इंचार्ज सतेंद्र कुमार को निलंबित कर दिया। साथ ही विभागीय कार्रवाई के आदेश भी दिए है। यदि रकम लेने की पुष्टि हुई, तक उनके खिलाफ भ्रष्टचार का मुकदमा भी दर्ज कराया जाएगा।