मेरठ कैपिटल हॉस्पिटल में प्रसव के बाद स्ट्रेचर से वार्ड में लाई जा रही महिला की लिफ्ट गिरने से मौत हो गई थी। इस संबंध में कपिल त्यागी, राजीव अग्रवाल, प्रबंधक नरेंद्र भड़ाना और डॉ कविता भाटिया के खिलाफ मुकदमा दर्ज हैं। संबंधित थाने की पुलिस व स्थानीय प्रशासन द्वारा अस्पताल पर सील लगाई गई। आरोप है कि घटना के 5 दिन बीत जाने के बावजूद आरोपियों की अभी तक गिरफ्तारी नहीं हो सकी।
जहां मृतका करिश्मा के पिता नवीन कुमार और चाचा ओमपाल सिंह के साथ बड़ी संख्या में ग्रामीण डीएम दीपक मीणा के ऑफिस पहुंचे। उन्होंने सीएमओ अशोक कटारिया के खिलाफ जमकर नारेबाजी की, उनका कहना है कि सीएमओ को बर्खास्त किया जाए। उन्हीं की साठगांठ से अस्पताल में सील लगी होने के बावजूद महंगी मशीने बाहर निकाल ली गई। घटना को 5 दिन हो गए। जब जबकि इस संबंध में डीएम दीपक मीणा ने नगर मजिस्ट्रेट अनिल कुमार, क्षेत्राधिकार आशुतोष कुमार, सहायक निदेशक विद्युत सुरक्षा पुलकित कुमार, उपमुख्यमंत्री चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर महेश चंद्रा को जांच टीम में शामिल किया हैं।
वहीं मृतका करिश्मा के पिता और भाई ने डीएम को घेर लिया। वें डीएम के सामने भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि आपके द्वारा जांच टीम तो गठित कर दी गई। लेकिन अभी तक आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया गया। जबकि संबंधित विवेचक पीड़ित परिवार को ही प्रताड़ित कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि डॉ कविता भाटिया भी मुकदमे में नामजद हैं। उसके बावजूद कविता का क्लीनिक खुल रहा हैं। इसके अलावा पीड़ित परिवार पर समझौते का दावा बनाया जा रहा है। एनसीपीसीआर में की अस्पताल प्रशासन की शिकायत,
मृतका करिश्मा के परिवार ने कैपिटल अस्पताल प्रबंधन व डॉक्टर के खिलाफ राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) में भी शिकायत की है। जिसमें उन्होंने कहा कि अस्पताल प्रशासन की लापरवाही के कारण 2 घंटे पूर्व पैदा हुई बच्ची की जान को खतरा पैदा हो गया है। करिश्मा की लिफ्ट में फंसने से मौत के समय अस्पताल में मलिक, प्रबंधक, डॉक्टर व कर्मचारी मौजूद थे।