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मुस्कान जेल में रातभर बदलती रही करवटें, खाना नहीं खाया, बोली- मुझे अपने किए पर पछतावा

मेरठ में पूर्व मर्चेंट नेवी अफसर सौरभ राजपूत की हत्या की आरोपी पत्नी मुस्कान जेल में रातभर नहीं सोई। खाना भी नहीं खाया। रातभर करवटें बदलती रही। कभी उठकर बैठ जाती, तो कभी बैरक में टहलने लगती थी।

आपको बता दें बुधवार को पति के 4 टुकड़े करने वाली मुस्कान और उसके बॉयफ्रेंड साहिल को CJM कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने दोनों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में मेरठ जेल भेज दिया। जेल जाते वक्त मुस्कान ने कहा- मैंने जो कुछ किया, वो अच्छा नहीं किया। मुझे ऐसा नहीं करना चाहिए था। जेल में मुस्कान 12 नंबर और साहिल 18 नंबर बैरक में रखा गया है।

जेलर वीरेश राज आर्य ने बताया- शाम 7 बजे के बाद मुस्कान को जेल के अंदर ले जाया गया। मुस्कान और साहिल को जब अलग-अलग बैरक में रखा जाने लगा तो मुस्कान के चेहरे पर भाव बदल गए। वह चाहती थी कि साहिल के साथ या आमने-सामने के बैरक में दोनों को रखा जाए। हालांकि, जेल मैन्युअल के मुताबिक मुस्कान को महिलाओं की बैरक और साहिल को पुरुष बैरक में रखा गया है।

जहां बुधवार को पुलिस ने कोर्ट में पेश करने से पहले मुस्कान और साहिल को मीडिया के सामने पेश किया। मुस्कान की मांग में सिंदूर था। वह नजरें झुकाए खड़ी थी। उससे सवाल किया गया- यह सिंदूर किसके नाम है? यह सुनते ही मुस्कान लोगों को घूरने लगी, लेकिन बोली कुछ नहीं। थोड़ी देर बाद उसने नजरें झुका लीं।

इसके बाद पुलिस ने मुस्कान और साहिल को कोर्ट में पेश करने ले गई। लेकिन कोर्ट के बाहर वकीलों ने दोनों को घेर लिया। दोनों की जमकर पिटाई की। साहिल के बाल खींचे और कपड़े तक फाड़ डाले। पुलिस बमुश्किल दोनों को बचाकर कोर्ट रूम ले गई। इसके बाद से मुस्कान की दहशत और बढ़ गई है।

बुधवार शाम 5 बजे पोस्टमॉर्टम के बाद सौरभ का शव एम्बुलेंस से घर लाया गया। कपड़े में शव लपेटा था। शव आते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई। मां रेणु देवी, बहन चिंकी शव से लिपटकर रोने लगीं। उन्हें देख कर हर आंखें नम हो गईं।

मां और बेटी ने आखिरी बार सौरभ का चेहरा देखना चाहा, मगर परिजनों और लोगों ने कपड़ा हटाने से मना कर दिया। क्योंकि जिस तरह शरीर के 4 टुकड़े किए और फिर सीमेंट-बालू का मसाला बनाकर उसे ड्रम में पैक किया गया, फिर ड्रम काटकर और मसाला तोड़कर शव निकालना पड़ा। इससे उसका चेहरा देखने लायक नहीं था।

मीडिया से बात करते हुए सौरभ की मां रेणू ने कहा- मेरी कैसी किस्मत है, जो आखिरी बार बेटे का चेहरा भी नहीं देख पाई। इसके बाद शव को देर शाम गढ़ मुक्तेश्वर के ब्रजघाट ले जाकर अंतिम संस्कार किया गया। हालांकि, मुस्कान का परिवार अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हुआ।

नेटवर्क 10 न्यूज़ से बात करते हुए मुस्कान के पिता प्रमोद रस्तोगी ने बताया- पीहू अब नानी के पास ही रहेगी। मां कविता ने बताया- पीहू शुरू से हमारे पास रही है। हम अपनी नातिन को अच्छे से पढ़ाएंगे। मुस्कान अक्सर पीहू को मेरे ही पास छोड़ देती थी। सौरभ की हत्या करने से पहले भी वह पीहू को मेरे पास ही छोड़ गई थी। उसने कहा था- वह सौरभ के साथ शिमला घूमने जा रही है। 15 दिन बाद लौटकर आऊंगी।

मुस्कान की मां कविता रस्तोगी ने बताया- 17 मार्च को मुस्कान लौटी। कॉल नहीं किया। अगले दिन 18 मार्च की दोपहर 12 बजे मुस्कान ने मुझे कॉल किया। कहा- मां, पीहू से बात करा दो। पीहू से बात करते हुए वह रोने लगी।

जब मैंने पूछा कि क्यों रो रही हो तो मुस्कान बोली कि घर आकर बताऊंगी। फिर वह घर आई तो मैंने पूछा कि सौरभ कहां है, वह पीहू से मिलने क्यों नहीं आई। तो मुस्कान ने कहा कि सौरभ का मर्डर हो गया, उसके घरवालों ने ही मार दिया।

इतने में मुझे शक हो गया। मैंने कहा कि तू इतनी सीधी नहीं है, कुछ न कुछ गड़बड़ जरूर है। मैंने बहलाकर पूछा- बेटा सच बता दे। तूने मर्डर तो नहीं किया। अब तू फंस गई है। मर्डर नहीं की होगी, तब भी जेल जाएगी।

फिर हम और उसके पिता दोनों लोग मुस्कान को लेकर थाने जाने लगे। तब मुस्कान ने कबूल किया कि उसके साथ साहिल नाम का एक लड़का है, उसी ने मर्डर किया। इसके बाद रो-रोकर मुस्कान की मां ने कहा- इन दोनों को फांसी मिलनी चाहिए।