पश्चिम उत्तर प्रदेश के कुख्यात बदमाशों की अब शामत आने वाली है ।क्योंकि अपराधियों की क्राइम कुंडली तैयार की जा रही है। इस क्राइम कुंडली में 10,000 से ज्यादा अपराधियों को शामिल किया जाएगा। जिनका भौतिक सत्यापन भी होगा साथ ही उनके नवीनतम फोटो भी इकट्ठा किए जाएंगे। वेस्ट यूपी में अपराधो पर लगाम कसने के लिए डीआईजी कलानिधि नैथानी की पहल अपराधियों के लिए सर दर्द बनने जा रही है।
मेरठ रेंज के ज्यादातर अपराधी या तो जेल में है या फिर वेस्ट यूपी से बाहर हैं। कुछ अपराधी जेल में रहकर अपना सिंडिकेट चला रहे हैं तो कुछ यूपी के बाहर से अपने गैंग को ऑपरेट कर रहे हैं ।लेकिन ऐसे ही अपराधियों पर लगाम करने के लिए और उनके सिंडिकेट को निस्तेनाबूत करने के लिए अब इन अपराधियों की क्राइम कुंडली तैयार की जा रही है। पश्चिम उत्तर प्रदेश के लुटेरे ,डकैत, हत्यारे ,गौकश और साइबर अपराधियों पर डीआईजी कलानिधि नैथानी का फोकस है ।डीआईजी नैथानी की टीम ऐसे अपराधियों का नवीनतम डाटा जताने में लगी हुई है। कौन अपराधी इस समय कहां है ,क्या कर रहा है ,उसके गैंग के लोगों की लोकेशन क्या है, और ऐसे तमाम सवाल जो अपराधियों के क्राइम कुंडली के लिए जरूरी है उन्हें खोजा जा रहा है। डीआईजी कलानिधि की माने तो पश्चिम उत्तर प्रदेश में अपराधियों की गतिविधियां अलग है । ऐसे में अपराधियों का डेटाबेस ही उनकी करतूत पर लगाम लगा सकेगा। इसके लिए तैयारी की जा रही है ।जल्द ही ऑपरेशन पहचान के जरिए इस डेटाबेस को तैयार किया जाएगा।
आपको बता दे की पश्चिम उत्तर प्रदेश के बड़े अपराधियों के फ़ेहरिस्त में सबसे पहला नाम बदन सिंह बद्दो का है ,जो पुलिस की पकड़ से बाहर है। इसके बाद सुशील मूंछ, योगेश भदौड़ा, सुनील राठी, सुंदर भाटी, धर्मेंद्र किरठल अंकित काला और भूपेंद्र सिंह वाफर जैसे नाम शामिल है। इनमें से अधिकतर उत्तर प्रदेश की जेलों में बंद है। लेकिन आज भी पश्चिम उत्तर प्रदेश के बड़े अपराधों में इन्हीं बदमाशों का कनेक्शन मिल जाता है। यानी साफ है कि यह जेल में रहकर अपने सिंडिकेट को ऑपरेट कर रहे हैं।
वहीं डीआईजी मेरठ की कमान संभालते ही कलानिधि नैथानी ने सबसे पहले रेंज भर के जिलों का दौरा किया। उन्होंने बारीकी से समझा कि मेरठ रेंज में अपराधियों की फितरत क्या है और वेस्ट यूपी के अपराधिक मॉड्यूल पर लगाम करने के लिए कलानिधि नैथानी ने ऑपरेशन पहचान चलाया है। इसी ऑपरेशन पहचान के तहत हर अपराधी की पहचान करके उसका विस्तृत डाटा जुटाया जा रहा है। ताकि हर अपराधी पर पुलिस की पैनी निगाह बनी रहे और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुसार वेस्ट अप को अपराध मुक्त बनाया जा सके।